नारनौंद । फसल अवशेष जलाने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं। सैटेलाइट से मिली जानकारी और मौके पर की गई जांच के बाद यह पाया गया कि दोनों किसानों ने खेतों में धान कटाई के बाद पराली में आग लगाई थी।
पहला मामला गांव भैणी अमीरपुर का है, जहां किसान बलराज ने अपने खेत में पराली जलाई। राजस्व विभाग के पटवारी, कृषि विभाग के पर्यवेक्षक प्रदीप कुमार, ग्राम सचिव अक्ता और गांव के नंबरदार की टीम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि करीब दो कनाल क्षेत्र में फसल अवशेषों में आग लगाई गई थी।
दूसरे मामले में गांव पाली के किसान सोनू ने अपने खेत (किला नंबर 3/1) में पराली जलाई। वहां पर 7 कनाल 13 मरला क्षेत्र में फसल अवशेष जलाने की पुष्टि की गई। मौके पर राजस्व विभाग से पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक विनोद, ग्राम सचिव हरिमोहन और गांव के नंबरदार की उपस्थिति में रिपोर्ट तैयार की गई। दोनों मामलों में शिकायतें संबंधित विभागों ने थाना पुलिस में दर्ज करवाई गईं। इन मामलों की जांच एएसआई अमन कुमार को सौंपी गई है।
पराली प्रबंधन के लिए गठित गांव स्तर की समिति ने की बैठक : कृषि विभाग किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को रोकने और किसानों को इसके उचित प्रबंधन के लिए प्रेरित कर रहा है। इसलिए कई गांवों में समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों की विशेष बैठक सोमवार को स्थानीय विभागीय कार्यालय में हुई। इसकी अध्यक्षता खंड कृषि अधिकारी पवन भारद्वाज ने की। उन्होंने पराली प्रबंधन से जुड़ी सभी योजनाओं और सरकार की ओर से दिए जा रहे उपकरणों की जानकारी दी। संवाद