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पति की मौत पर बोली महिला, साहब!मेरा तो सब कुछ चला गया

Fri, 27 May 2016 01:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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साहब! मेरा तो सब कुछ चला गया - फोटो : bureau
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हुडा सेक्टर 6 में आवास का लेंटर खोलने के दौरान गार्डर गिरने से मंगलवार शाम को श्रमिक मूलचंद की हुई मौत के मामले ने वीरवार को उस समय तूल पकड़ लिया, जब सैकड़ों की तादाद में एकत्रित हुए श्रमिकों और मृतक के परिजनों ने नागरिक अस्पताल में जमकर हंगामा किया और शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया।
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मामले की सूचना मिलने पर सिटी थाना प्रभारी उमेद सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस और श्रमिकों के बीच करीब दो घंटे तक वाद-विवाद का दौर चलता रहा। पुलिस द्वारा मृतकों के परिजनों को समझाए जाने के बावजूद वह इस बात पर अड़े रहे कि जब तक उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाता, वह यहां से नहीं हिलेंगे और न ही शव का पोस्टमार्टम करने देंगे।


इस दौरान मृतक की पत्नी मालती ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि वह एक गरीब परिवार से है, उनकी तीन बेटियां हैं, चौथा बच्चा उनके पेट में है, ऐेसे में उनके पति की मौत के बाद बिना आर्थिक मदद के वह इन बच्चों का पालन-पोषण कैसे करेंगी। मृतक की पत्नी मालती ने मांग की है कि उसका पति जिस ठेकेदार के पास काम कर रहा था, वह उसकी आर्थिक मदद करे।
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिया धरना
इस दौरान नागरिक अस्पताल में श्रमिकों की सिटी थाना प्रभारी उमेद सिंह से इस मुद्दे को लेकर काफी देर तक बहसबाजी चलती रही। बातचीत से कोई हल न निकलता देख श्रमिक खफा हो गए। इस दौरान श्रमिक प्रदर्शन करते हुए नागरिक अस्पताल के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देकर बैठ गए और कुछ देर के लिए रास्ते को जाम कर दिया। इसके बाद पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर श्रमिकों को वहां से खदेड़ा, जिसके बाद जाकर जाम खुला।

आरोप : पुलिस ने परिजनों को बिना बताए कराए दस्तखत
मामले को तूल पकड़ता देख श्रमिकों की ओर से कांग्रेस ब्लॉक के पूर्व प्रधान सुरेंद्र भूटानी और ठेकेदार विनोद पक्ष की तरफ से सर्व व्यापार मंडल के प्रधान बजरंग बंसल अस्पताल में मौके पर पहुंचे। इस दौरान भूटानी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना मृतक के परिजनों को बताए धारा 174 के तहत कार्रवाई की है और दस्तावेज पर उनके दस्तखत करवाए हैं।

मकान मालिक ने एक लाख देने का दिया आश्वासन
इसके बाद मामले को सुलझाते हुए एसएचओ उमेद सिंह और मृतक के पिता की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच यह फैसला लिया गया कि ठेकेदार विनोद मृतक के परिवारजनों को 50 हजार रुपये मुआवजा के रूप में देगा, जिसके बाद कहीं जाकर मामला सुलझा। वहीं इसके अलावा जिसके घर में निर्माण चल रहा था, उस मकान के मालिक हन्नी ने मानवता का परिचय देते हुए मृतक के परिजनों को एक लाख रुपये देने की बात कही। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
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