ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का जिले में व्यापक असर रहा। रोडवेज के पहिये पूरी तरह से थमे रहे। शुक्रवार सुबह पानी की आपूर्ति बंद रही। गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। वहीं अल्ट्रासाउंड बंद रहने से मरीजों व महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक और बीमा कर्मी भी हड़ताल पर रहे।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते बीस से अधिक संगठनों ने भाग लिया। शहर में रोडवेज, बिजली व जनस्वास्थ्य विभाग के 2791 कर्मचारियों में से 1723 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। रोडवेज के जहां 924 में से 423 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। वहीं बिजली निगम के 1788 कर्मचारियों में से 1231 तथा जन स्वास्स्थ्य विभाग के 79 में से 69 कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिस कारण जिले में न तो रोडवेज बसें चल पाईं ओर न ही लोगों को पानी नसीब हो सका।
हालांकि शाम पांच बजे के बाद ट्रेड यूनियनों के हड़ताल समाप्त करने की घोषणा के बाद लंबे व लोकल रूटों पर रोडवेज बसें आरंभ कर दी गई। वहीं शहर में पानी की सप्लाई भी रात के समय कर दी गई, जिससे सुबह से बाधित हुआ आम जनजीवन रात होते-होते पटरी पर लौट आया।
रोडवेज - 15 लाख का नुकसान
रोडवेज अधिकारियों द्वारा सुबह 4 बजे बस चलाने का प्रयास किया गया। लेकिन रोडवेज यूनियन के सदस्यों के बस स्टैंड के गेट पर मौजूद रहने के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका। सुबह 4 बजे के करीब रोडवेज जीएम ने टीम के साथ सुबह बस को डिपो से बाहर भेजने का प्रयास किया। लेकिन यूनियन के करीब 100 कर्मचारी गेट पर आ गए, जिस कारण बस को डिपो से बाहर नहीं भेजा जा सका। हड़ताल समाप्त होने के बाद शाम के समय दिल्ली, चंडीगढ़ जैसे लंबे रूटों व लोकल रूटों पर भी रोडवेज बस सेवाएं आरंभ कर दी गईं।
18 हजार यात्री हुए परेशान
रोडवेज बसों से प्रतिदिन यात्रा करने वाले करीब 18 हजार यात्रियों को हड़ताल के दौरान प्राइवेट बसों को सहारा मिला। शुक्रवार को बस डिपो पर सरकारी बसों के चक्का जाम रहने पर करीब 100 प्राइवेट बस विभिन्न रूटों पर चलाई जा रही थीं, जिनसे प्राइवेट बस वालों की खूब चांदी काटी। हालांकि प्राइवेट बस चालक सीधे तौर पर रूटों पर नहीं जा रहे थे, जिस कारण अधिकतर यात्रियों को परेशानी भी उठानी पड़ी। गौरतलब है कि हिसार बस डिपो की 211 सरकारी बसों के पहिये थमे रहे।
निजी वाहन चालकों ने भी उठाया लाभ
रोडवेज का चक्का जाम रहने के कारण निजी वाहन चालकों द्वारा भी हड़ताल का खूब लाभ उठाया गया। शहर के फव्वारा चौक, रेलवे स्टेशन, ऋषि नगर चौक से अवैध रूप से सवारियां ढोकर व मनमाफिक किराया वसूला गया।
बिजली : अधिकारियों ने संभाली कमान
बिजली विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के बावजूद जिले में अतिरिक्त कर्मचारियों की सहायता से बिजली सप्लाई सुचारु रखी गई। इस बार पिछली हड़ताल की अपेक्षा बिजली सप्लाई में बाधा पहुंचाने की कोई घटना नहीं हुई। बिजली सप्लाई को सुचारु रखने के बिजली निगम के मुख्यालय से कर्मचारियों को बुलाकर एक टीम गठित की गई थी।
इसमें 10 एक्सइएन व 3 एसडीओ समेत 2 जेई की टीम बनाई गई थी। इस टीम को जिले व पूरे सर्कल में बिजली व्यवस्था को सुचारु करने की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। साथ ही बिजली विभाग की सभी डिवीजनों पर पुलिस कर्मचारियों को भी वीरवार रात 10 बजे से ही लगा दिया गया था।
बिजली निगम की टीम के नोडल ऑफिसर नियुक्त किए गए एसडीओ प्रवीन अरोड़ा ने बताया कि शहर व आसपास गांवों में बिजली व्यवस्था को बनाए रखा गया। हालांकि आसपास गांवों में दोपहर के समय बिजली बाधित रही। लेकिन वो जनरल फॉल्ट की वजह से बाधित हुई। वहीं शहर में बीड़ पावर हाउस व कैमरी रोड क्षेत्र, पटेल नगर व अन्य क्षेत्रों में करीब एक घंटे के लिए बिजली बाधित रही।
पानी : शाम को हुई सप्लाई
जनस्वास्थ्य विभाग के 79 कर्मचारियों में से 69 कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण शहर में सुबह के समय 4 से 6 बजे तक दी जाने वाली सप्लाई बाधित रही। हालांकि शाम के समय हड़ताल समाप्त होने के बाद शहर में पानी की सप्लाई कर दी गई। वहीं यूनियन कर्मचारियों ने जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में बैठ कर रोष प्रदर्शन किया।
हड़ताल के दौरान रोडवेज बसें न चल पाने के कारण करीब 15 लाख रुपये का नुकसान डिपो को हुआ है। सुबह के समय बसें चलाने का प्रयास किया गया। लेकिन यूनियन कर्मचारियों ने इस प्रयास को सफल नहीं होने दिया।
- खूबीराम कौशल, जीएम, बस डिपो हिसार
हड़ताल के दौरान बिजली सप्लाई में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आई। बिजली मुख्यालय से बुलाई गई टीम व रिजर्व कर्मचारियों ने बखूबी बिजली व्यवस्था को बनाए रखा।
- डीएल हंसू, एसई, डीएचबीवीएन, हिसार
अधिकतर कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण सुबह के समय पानी की सप्लाई नहीं की जा सकी। हालांकि रिजर्व कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया था। लेकिन रॉ वाटर को फिल्टर न कर पाने के कारण पानी की सप्लाई बाधित रही।
- राजकुमार जांगड़ा, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, हिसार