डोभी गांव में छेड़छाड़ से आहत होकर नौवीं कक्षा की छात्रा के सुसाइड मामले में परिजनों ने 64 घंटे बाद शव ले लिया। परिजन आखिर चौथे अभियुक्त की गिरफ्तारी की मांग पूरी होने के आश्वासन पर शव ले जाने के लिए राजी हुए। शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार करवाया गया। परिजनों ने सुबह आठ बजे शव को को लिया और करीब नौ बजे गांव डोभी में छात्रा ललिता का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिजनों ने बताया कि एसपी विकास धनखड़ ने उन्हें केस में एससी-एसटी एक्ट की धारा ईजाद करने और चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था। परिजनों ने बताया कि एसपी के आश्वासन पर वे शव लेने के लिए राजी हुए। जनसंगठनों सहित सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में परिजनों ने शव डेड हाउस से उठा लिया। इसके बाद वे शव को गांव में ले गए। गांव में पहुंचते ही ललिता के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जैसे ही परिजनों ने शव ले लिया तो वे उसे सीधे गांव लेकर चले गए। जिला प्रशासन की तरफ से अंतिम संस्कार के लिए कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा। हां पुलिस ने इस मामले को लेकर राहत की सांस ली।
बृहस्पतिवार को गांव डोभी में नौवीं कक्षा की छात्रा ललिता ने जहर निगलकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि उसके साथ किशनगढ़ निवासी सुनील और अन्य तीन युवकों ने छेड़छाड़ की थी। छेड़छाड़ से आहत होकर उसने यह कदम उठाया था।
छात्रा की मौत के बाद मामला गरमा गया। परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। जन संगठन धरने पर बैठ गए। परिजन भी सामान्य अस्पताल में लगातार दो दिन धरने पर बैठे रहे। उनकी मांग थी कि चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और दर्ज केस में छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं और जोड़ी जाए।