हिसार। हिसार का अधिकतम तापमान मंगलवार को 29.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले सोमवार को भी यह 30 डिग्री से नीचे था। 19 साल के बाद ऐसा हुआ है, जब मई के शुरू में ही दिन का पारा 30 के नीचे पहुंचा है। इससे पहले वर्ष 2004 में हिसार के अधिकतम तापमान में इतनी ज्यादा गिरावट दर्ज की गई थी।
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के कृषि मौसम विभाग के इंचार्ज डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार वर्ष 2004 में 1 मई को हिसार का अधिकतम तापमान 25.1 व 2 मई को 30.0 डिग्री सेल्सियस था। हालांकि इसके बाद तापमान लगातार बढ़ता गया था। एचएयू की मानें तो वैसे तो इस माह में दिन का तापमान 25 डिग्री से भी नीचे जा चुका है, लेकिन वह 15 मई के बाद ही गया है। वर्ष 1982 में 13 मई को दिन का तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस था और यह वर्ष 1970 से लेकर अब तक का एक रिकॉर्ड भी है। वहीं अगर शुरुआती दिनों में सबसे गर्म दिन की बात करें तो वर्ष 1973 में 2 मई को हिसार का अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
कई स्थानों पर हुई ओलावृष्टि
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मंगलवार सुबह पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल और दोपहर बाद महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, चरखी दादरी, भिवानी, नूंह, पलवल और शाम को सिरसा व फतेहाबाद आदि जिलों में बिखराव वाली बूंदाबांदी व बारिश और एक दो स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियों को दर्ज किया गया। हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर अधिकतर स्थानों पर बादल वाही और बारिश की गतिविधियों की वजह से तापमान में गिरावट जारी है। मंगलवार को रात का तापमान 15.0 से 19.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। वहीं अधिकतम तापमान 23.0 से 31.0 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो सामान्य से 10.0 से 13.0 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक मंगलवार रात के एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने पहले सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ को और मजबूती मिलेगी। इस कारण से प्रदेश में आने वाले दो तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियों में इजाफा होगा। बुधवार को इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हालांकि एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ 4 मई को सक्रिय होने से प्रदेश में 7 मई तक मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।