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10 वर्ष बाद 48 डिग्री पर पहुंचा हिसार का तापमान, लू के थपेड़ों ने झुलसाया

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गर्मी के कारण नेशनल हाइवे पर दिखाई पड़ती मृग मरीचिका। - फोटो : Hisar
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मई में पिछले 10 सालों में मंगलवार को पहली बार ऐसा हुआ है कि दिन का तापमान 48 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मंगलवार को हिसार जिला उत्तर भारत में चुरू के बाद दूसरा सबसे गर्म रहा। जला देने वाली धूप के कारण गर्म हवाएं लोगों को झुलसाने लगीं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 29 मई को मौसम में परिवर्तन की संभावना है।
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बढ़ती गर्मी का प्रभाव है कि शहर में पेयजल की समस्या भी खड़ी होने लगी है। कई कॉलोनियों में पानी की किल्लत हो गई है और जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा टैंकरों से पानी भेजकर लोगों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। कोरोना से जंग में जुटे स्वास्थ्य कर्मियों पर भी गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। उकलाना में पीपीई किट पहने अपनी ड्यूटी दे रहीं दो एमपीएचडब्ल्यू और दो आशा वर्कर गर्मी के चलते चक्कर खाकर गिर गईं।
कई राज्यों से अधिक रहा तापमान
हिसार का मंगलवार का अधिकतम तापमान देश के कई राज्यों से अधिक रहा। हरियाणा के अलावा पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों के किसी भी जिले में इतना तापमान दर्ज नहीं किया गया। हिसार का अधिकतम तापमान 48 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री दर्ज किया गया। दोपहर के समय सड़कें सुनसान रहीं और बाजारों से भी भीड़ गायब थी।
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2010 में 26 मई को ही पहुंचा था 48.1 डिग्री तापमान
वर्ष 2010 में तापमान 48.1 डिग्री दर्ज किया गया था, वह भी 26 मई 2010 को। इसके बाद 2019 तक मई माह का अधिकतम तापमान 47.8 डिग्री सेल्सियस 2016 में था। मंगलवार को 26 मई के दिन ही तापमान 48 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। खास बात यह है कि अब तक का रिकॉर्ड तापमान भी 26 मई के ही दिन 1998 को 48.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज है।
पिछले 10 वर्षों में तापमान की स्थिति
वर्ष - तिथि - अधिकतम तापमान
2019 - 31 मई - 45.0
2018 - 30 मई - 46.6
2017 - 27 मई - 47.1
2016 - 22 मई - 47.8
2015 - 23 मई - 45.5
2014 - 30 मई - 46.0
2013 - 24 मई - 47.3
2012 - 31 मई - 46.4
2011 - 19 मई - 46.2
2010 - 26 मई - 48.1
29 मई को बदलेगा मौसम
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पूरे प्रदेश में 28 मई तक मौसम गर्म व खुश्क रहेगा। इस दौरान गर्मी खूब सताएगी। पश्चिमी हवाएं चलने से तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। 29 मई से पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण मौसम में बदलाव संभावित है।
इन कॉलोनियों में पानी की किल्लत
शहर की कॉलोनी आजाद नगर, सेक्टर 9-11, दयानंद कॉलोनी, मॉडल टाउन, शिव नगर, देवी भवन रोड कॉलोनी, सुशीला भवन रोड, मिलगेट क्षेत्र, गीता कॉलोनी, आदर्श नगर, विश्वकर्मा कॉलोनी सहित कई अन्य कॉलोनियों में पिछले कई दिन से पेयजल किल्लत बनी हुई है। कुछ स्थानों पर जन स्वास्थ्य विभाग पानी के टैंकर भेज रहा है तो कुछ कॉलोनियों में लोग स्वयं ही टैंकर मंगवाकर पेयजल की पूर्ति कर रहे हैं।
बिजली के कट भी बढ़े
भीषण गर्मी के चलते बिजली के कटों में भी बढ़ोतरी हो गई है। आए दिन किसी न किसी कॉलोनी में फॉल्ट के चलते भी बिजली कटौती की जा रही है। बुधवार को भी मरम्मत कार्य के चलते 11 केवी वाटर वर्क्स, कोर्ट कॉम्प्लेक्स, कैमरी रोड वाटर वर्क्स के फीडर बंद रहेंगे। इनके तहत करीब ढाई दर्जन कॉलोनियां आती हैं, जिनमें सुबह 6 से 9 बजे तक बिजली नहीं आएगी। हर रोज बिजली निगम की ओर से कहीं न कहीं मरम्मत कार्य के चलते तो कट लगाए ही जा रहे हैं, साथ ही अघोषित कट भी प्रत्येक कॉलोनी में अलग-अलग समय पर लगाए जा रहे हैं।
गर्मी से बिगड़ी तबीयत, उल्टी-दस्त के 20 मरीज पहुंचे अस्पताल
लू के थपेड़ों के कारण लोगों की तबीयत बिगड़ी तो लोग अस्पताल पहुंचे। जिला नागरिक अस्पताल में मंगलवार उल्टी-दस्त के 20 मरीज और गर्मी से चक्कर आने के पांच से छह मरीज इलाज कराने पहुंचे। वहीं फिजिशियन की ओपीडी में 250 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। बता दें कि इससे पहले अस्पताल में प्रतिदिन उल्टी-दस्त के दो से चार मरीज ही पहुंच रहे थे।
आग बरसा रहे सूर्य ने चिकित्सकों को भी किया बेहाल
भयंकर गर्मी के कारण सैंपल लेने गए लैब टेक्नीशियन राकेश कुमार की पीपीई किट पहने हुए अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें दवा और पानी आदि दिया गया। गर्मी के कारण पीपीई किट में हवा न लगने के कारण राकेश कुमार को चक्कर आ गया था, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई।
वर्जन
अभी तक हमारे पास पेयजल से संबंधित कोई भी शिकायत नहीं आई है। बाकायदा एक ग्रुप भी बनाया हुआ है, जिसमें मेयर से लेकर सभी पार्षद जुड़े हुए हैं। यदि कॉलोनियों में पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही है तो चेक करवाया जाएगा। पेयजल की सप्लाई सुचारु करवाई जाएगी।
- दलबीर दलाल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
वर्जन
इन दिनों गर्मी के समय में नॉर्मल व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। इसी के साथ दोपहर के समय ज्यादा से ज्यादा घर में ही रहें और नींबू पानी और ओआरएस के घोल का भी सेवन करें। रही बात पीपीई किट की तो इस समय संक्रमण से बचाव के लिए पहननी जरूरी है। एक पीपीई किट लगातार 6 से 8 घंटे तक ही पहनी जा सकती है। इसके बाद उसके संक्रमण रोकने की क्षमता कम जाती है।
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- डॉ. अजय चुघ, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, हिसार
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