हिसार। नए शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों को विद्यार्थियों के दाखिले की रेस में पछाड़ने के लिए इस बार शिक्षा निदेशालय ने कमर कसी है। पहली बार बीती से अगली कक्षा में शत प्रतिशत विद्यार्थियों का दाखिला करवाने पर स्कूल मुखिया को स्वर्ण-रजत और कांस्य पदक से सम्मानित किया जाएगा।
सीनियर सेकंडरी निदेशक जितेंद्र ने स्पष्ट किया है कि इस बार घर-घर जाकर सर्वे पर जोर रहेगा। इसके लिए डीईओ और डीईईओ जिम्मेदार रहेंगे। बीईओ-कलेस्टर हेड-बीआरपी-बीआरसी की मदद से स्कूल प्रबंधन कमेटी, सरपंचों के सहयोग से अधिक से अधिक सरकारी स्कूलों में दाखिला करवाने के लिए तत्पर रहेंगे। यह मुहिम सोमवार से शुरू की जाएगी, जोकि 30 अप्रैल तक चलेगी। हर सात दिन बाद मुख्यालय को रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा।
9वीं कक्षा में अधिक होते हैं ड्राॅपआउट
शिक्षा निदेशालय ने जारी पत्र में कहा है कि सर्वाधिक 9वीं कक्षा में ड्राॅपआउट होते हैं। खासकर लड़कियां बीच-अधर में पढ़ाई छोड़तीं हैं, जिस पर शिक्षक, स्कूल मुखिया, क्लस्टर हेड विशेष रूप से नजर रखेंगे। साथ ही अभिभावकों को स्कूल भेजने के लिए जागरूक करेंगे।
विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को करवाएं स्कूलों की विजिट
पत्र में स्पष्ट है कि विज्ञान संकाय में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को खासकर जो निजी स्कूल के विद्यार्थी हैं, उन्हें सरकारी स्कूलों में ले जाकर विजिट करवाए। उनके अभिभावकों को भी स्कूल लाकर दिखाएं कि विज्ञान विषय के प्रति जागरूकता के लिए शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में क्या-क्या कदम उठाए हैं और क्या-क्या सुविधाएं मिल सकती है।
वीसी के जरिए सीनियर सेकेंडरी निदेशक ने समस्त अधिकारियों की बैठक ली थी, जिसमें प्रवेेश उत्सव की रणनीतियों के बारे में चर्चा की साथ ही ड्यूटियां भी तय की गई हैं। इस बार सर्वे पर अधिक जोर देने के लिए मुख्यालय की ओर से कहा गया है। - निर्मल दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, हिसार।