राज्य से अर्धसैनिक बल वापस भेजे जा रहे हैं। यहां हालात सामान्य हैं। फिलहाल उनकी यहां कोई जरूरत नहीं। पुलिस अपने स्तर पर हर स्थिति से निपटने को तैयार है।
यह बात एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर मोहम्मद अकील ने बुधवार को यहां जीजेयू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। एडीजीपी ने आयोजित मीटिंग के मकसद के बारे में कहा कि विभाग कोई ऑपरेशन या मिशन करता है तो उसके बाद मिशन कितना सफल रहा।
उसमें कोई कमी या कोई दोष रहा हो तो उसके बारे में समीक्षा की जाती है। इसी का आंकलन करने के लिए मीटिंग की गई। इस बार के आंदोलन में रोड़ जाम या रेलवे ट्रैक रोकने जैसी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, जिससे किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि पुलिस के जवानों और पैरामिलिट्री के जवानों ने हर कठिन परिस्थिति में अपनी ड्यूटी की। अब कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किस प्रकार तैयारी रखनी है, यह सब यहां की पुलिस को विस्तारपूर्वक बता दिया गया है। विदित रहे कि अर्ध सैनिक बलों की राज्य में 55 कंपनियां 31 मई से 22 जून तक तैनात की गई थी।
सामूहिक केस वापस लेने की प्रक्रिया नहीं
एडीजीपी अकील ने एक सवाल के जवाब में बिना किसी का नाम लिए कहा कि आंदोलन के दौरान जो केस बने हैं, ऐसे सामूहिक केस वापस लेने की कोई प्रक्रिया नहीं है। इस सारे मामले की पैरवी कोर्ट द्वारा की जा रही है।
इसकी पूरी रिपोर्ट इलाका मजिस्ट्रेट सेशन जज को सौंपते हैं और सेशन जज हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करते हैं। केस वापस लेने की प्रक्रिया बहुत लंबी होती है और बीच में कोर्ट होता है। इसलिए न्यायसंगत तरीके से ही काम होगा।
हर हालात पर काबू पाने के लिए तैयार पुलिस : अकील
एडीजीपी ने आंदोलनकारियों के 31 अगस्त के बाद कदम उठाने कते एक सवाल के जवाब में कहा कि वे कोई कदम उठाते हैं तो हर हालात पर काबूू पाने के लिए पुलिस के जवान तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पहले वाले आंदोलन और इस बार के आंदोलन में बहुत अंतर है। पहले वाले आंदोलन के लिए गठित प्रकाश सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
चार्टर पर खरा उतरेगी पुलिस
एडीजीपी मोहम्मद अकील ने रूटीन के क्राइम के बारे मेें कहा कि जिला पुलिस को पांच चार्टर दे रहा हूं। जो क्राइम को रोकना, क्राइम को खत्म करना, ट्रैफिक व्यवस्था, जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना इन पांच चार्टरों पर हिसार पुलिस खरा उतरेगी।
समाज की खाई पाटने का काम करें
हिसार। एडीजीपी अकील जीजेयू के चौधरी रणबीर सिंह ऑडोटोरियम में पुलिस और पैरामिलिट्री के अधिकारियों और जवानों की मीटिंग लेने आए थे। उन्होंने मीटिंग में कहा कि वे आंदोलन के दौरान बढ़ी समाज की खाई को पाटने का काम करें।
साथी मुलाजिमों में भी ऐसी भावना न हो, इसे सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आंदोलन के खत्म होने के बाद पुलिस का मिशन सफल रहा या नहीं, इसकी समीक्षा की है। जिसमें पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की आंदोलन के दौरान मिशन के बारे में जानकारी ली।
आंदोलन मेें कानून की व्यवस्था अच्छी रही। मीटिंग में एसपी अश्विन शैणवी, एएसपी राजेंद्र कुमार मीणा, डीएसपी राजबीर सैनी, जितेंद्र, पुलिस के अन्य अधिकारी और जवान तथा पैरामिलिट्री के अधिकारी व जवान मौजूद थे। एडीजीपी के दौरे को लेकर बुधवार को जीजेयू की सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा कड़ी थी।