ऑल इंडिया प्री वेटेरिनरी टेस्ट का रिजल्ट घोषित होने के बाद विद्यार्थी अब बैचलर ऑफ वेटेरिनरी साइंस एंड एनिमल हस्बेंडरी में दाखिला लेंगे। हरियाणा में केवल दो ही ऐसे संस्थान हैं, जहां यह कोर्स उपलब्ध है।
इनमें हिसार का लाला लाजपत राय पशु विज्ञान विश्वविद्यालय मुख्य है। इसके बाद बहु अकबरपुर का निजी संस्थान इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वेटेरिनरी साइंस एंड रिसर्च है। दोनों ही संस्थानों में कुल 147 सीटें हैं। इनमें से हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए 85 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। सोमवार को आए एआईपीवीटी के रिजल्ट में देशभर में टॉप तीन विद्यार्थी हरियाणा के ही हैं।
लुवास में 87 सीटों पर यूं होगा दाखिला
लाला लाजपत राय विश्वविद्यालय में बीवीएससी एंड एएच में दाखिले के लिए 87 सीटें हैं। इन पर दाखिला काउंसिलिंग के आधार पर होगा। इन सीटों में से 85 प्रतिशत केवल हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित हैं।
हालांकि हरियाणा के विद्यार्थियों का दाखिला भी एआईपीवीटी के रिजल्ट के आधार पर ही होगा। कुल 87 सीटों में से 67 सीटें हरियाणा के लिए, ऑल इंडिया के लिए 11 सीटें, कश्मीरी माइग्रेंट्स के लिए 2 सीटें, एनआरआई के लिए 5 सीटें और 2 सीटें भूटान देश के लिए निर्धारित हैं।
रोहतक के बहु अकबरपुर में 60 सीटें
रोहतक जिले के बहु अकबरपुर गांव में निजी संस्थान, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वेटरिनरी साइंस एंड रिसर्च में कुल 60 सीटें हैं। यह संस्थान लुवास से एफिलेटिड है, इसलिए इसकी आधी यानी कि 30 सीटों पर दाखिला भी लुवास के अनुसार ही होगा। बाकी की 30 सीटों पर संस्थान की मैनेजमेंट अपने स्तर पर दाखिला करेेगी। हालांकि उनके लिए भी यह जरूरी होगा कि वे एआईपीवीटी पास हों।
काउंसिलिंग जुलाई में होने की संभावना
दाखिले के लिए काउंसिलिंग जुलाई के मध्य में होने की संभावना है, लेकिन इसे आगे अगस्त तक भी बढ़ाया जा सकता है।
यह है बीवीएससी एंड एएच कोर्स
इस कोर्स का पूरा नाम बैचलर ऑफ वेटरिनरी साइंस एंड एनिमल हस्बेंडरी है। यह साढ़े पांच वर्ष का कोर्स होता है, जिसमें साढ़े चार साल तक पढ़ाई और उसके बाद एक साल की इंटर्नशिप यानी प्रैक्टीकल करवाया जाता है।
इस कोर्स में पशुओं की शारीरिक प्रक्रिया से लेकर उनकी साइकोलॉजी, उनकी बीमारियां, बीमारियों से पशु के शरीर में होने वाले बदलाव, किस किटाणु से बीमारी पैदा हुई, उसके लिए कैसी, कौन सी दवा हो, गंभीर बीमारी की सर्जरी कैसे हो आदि के बारे में पढ़ाया जाता है।
यह है स्कोप
इस कोर्स को करने के बाद विद्यार्थियों के पास सरकार और गैर सरकारी नौकरियों के अलावा विदेेश में जाकर नौकरी करने का अवसर मिलता है। इसके बाद गवर्नमेंट नौकरी में वेटेरिनरी ऑफिसर, फौज में वेटेरिनरी ऑफिसर, प्राइवेट सेक्टर बैंक आदि में लोन आदि के लिए वेटेरिनरी ऑफिसर, सेंट्रल गवर्नमेंट में ऑफिसर, प्राइवेट क्लीनिक, बड़े पॉलिट्री और डेयरी फार्म आदि में वेटेरिनरी ऑफिसर आदि के अलावा प्रोफेसर बनने का भी स्कोप है। इसके साथ ही विदेशों में भी वेटेरिनरी सर्जन की भारी मांग होती है।