3500 रुपये के लिए टैक्सी चालक की हत्या करने वाले को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार सिंघल की अदालत ने मंगलवार को दोषी करार दिया। मामले में अदालत ने दोषी को 26 जुलाई को सजा सुनाएगी। इस संबंध में शहर थाना पुलिस ने 8 जनवरी 2016 को मृतक के भाई की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
मामले के अनुसार न्यू छोटूराम कॉलोनी वासी गुरमीत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वे दो भाई थे और दोनों की शादी नहीं हुई थी। उसका बड़ा भाई राजू टैक्सी स्टैंड पर गाड़ी चलाता था। सात जनवरी 2016 को राजू गाड़ी लेकर घर से गया था। उसके बाद रात को घर नहीं लौटा। उसकी काफी तलाश की लेकिन, कहीं उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। उसने शिकायत में बताया था कि अगले दिन सुबह उसके पास एक परिचित का फोन आया। उसने बताया कि राजू का शव डबल फाटक के पास तेल डिपो के नजदीक पड़ा हुआ है। इसके बाद वह मौके पर पहुंचा। वहां पर उसके भाई राजू का शव पड़ा हुआ था, जिसके गले में तेजधार हथियार से वार किए हुए थे। शव को कुत्तों द्वारा भी नोचा हुआ था। सूचना पुलिस को भी दी गई। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया था। इस संबंध में पुलिस ने गुरमीत की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ धारा 302 के तहत केस दर्ज किया था। जांच के दो दिन बाद ही पुलिस ने शक के आधार पर टैक्सी चालक ईश्वर को गिरफ्तार किया था।
यह था मामला
पुलिस पूछताछ के दौरान ईश्वर ने बताया कि वह चार-पांच सालों से राजू को जानता था और दोनों टैक्सी स्टैंड पर गाड़ी लगाते थे। घटना वाले दिन पहले उन दोनों ने टैक्सी स्टैंड पर शराब पी थी। उसके बाद अपनी-अपनी गाड़ी लेकर घर के लिए निकल गए। रास्ते में ईश्वर ने डबल फाटक के पास गाड़ी खड़ी कर दी और राजू को फोन करके कहा कि पकौड़े वाली रेहड़ी पर आ जा, वहां पर शराब पीते हैं। कुछ देर बाद राजू वहां पहुंच गया। वहां उन दोनों गाड़ी में बैठ कर शराब पी। ईश्वर के उसने राजू से उधार दिए हुए 3500 रुपये मांगे। राजू ने इनकार कर दिया और गाली-गलौज करने लगा। ईश्वर ने कहा कि राजू बार-बार गाली देने लगा तो वह तैश में आकर गाड़ी से छुरी निकाल लाया और राजू के गले पर तीन वार कर दिए। उसने रास्ते में कपड़े और जूते सेक्टर 9-11 में सुनसान जगह पर छिपा दिए। अगले दिन मालिक के घर गाड़ी खड़ी करके अपनी बहन के पास चला गया। वहां पर उसने चाकू छिपा दिया। पुलिस ने रिमांड के दौरान कपड़े और चाकू बरामद कर लिए थे।