आर्यनगर-मुकलान मार्ग पर रविवार दोपहर को पशुओं को बचाने के प्रयास
में एक कार मारुति-800 पलट गई। इस हादसे के कारण फतेहाबाद जिले के बनगांव
की महिला 25 वर्षीय सरीना और उसकी दो महीने की बेटी पूजा की मौत हो गई।
महिला का पति और भतीजा घायल हो गए। पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार बनगांव का गणेश फतेहाबाद की एक निजी कंपनी में सेल्समैन
है। उनकी पत्नी सरीना ने 1 जनवरी को बेटी पूजा को जन्म दिया था। इससे पहले
उनके पास दो साल का बेटा हर्ष है।
गणेश की रविवार को छुट्टी थी। वह पत्नी
सरीना को बेटी पैदा होने के बाद मायके तलवंडी बादशाहपुर छोड़ने के लिए कार
में आ रहा था। कार में गणेश का चार सदस्यीय परिवार और उनका भतीजा रोहित थे।
पुलिस के अनुसार कार आर्यनगर से मुकलान की तरफ आ रही थी।
मुकलान के पास
अचानक लावारिस पशु आगे आए तो ड्राइविंग कर रहे गणेश ने उन्हें बचाने का
प्रयास किया। तब कार अचानक पलट गई।
आसपास के लोगों ने घायलों को बाहर
निकाला। तब तक सरीना की मौत हो चुकी थी। इसके अलावा गणेश, रोहित और दो
महीने की पूजा घायल हो गए थे। घायलों को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया
गया था, जहां रात को पूजा ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने सरकारी अस्पताल में
बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया, जबकि उसकी मां के शव का बिना
पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बेटा रहा सुरक्षित
बनगांव के मोहन सिंह ने बताया कि हादसे के बाद यदि कोई कार की हालत देखे तो
यह नहीं कह सकता कि कोई बचा होगा। इस हादसे में गणेश और रोहित घायल हो गए,
जबकि दो की मौत हो गई। इसके बावजूद गणेश के दो साल के बेटे हर्ष को खरोंच
तक न आई। कार पलट गई थी। मासूम हर्ष की मां और बहन दुनिया में न रही।
डेढ़ साल में दस मौतें
पिछले डेढ़ साल में लावारिस पशुओं के कारण हुए हादसों में 10 लोग जान गंवा
चुके हैं। अकेले हिसार शहर में लावारिस पशुओं की संख्या 5000 से ज्यादा है।
ये पशु आए दिन सड़क हादसों का सबब बन रहे हैं। इन्हीं हादसों में लोग जान
गवां देते हैं। शहर में नगर परिषद ने लावारिस पशुुओं को रोकने के लिए बाड़ा
बना रखा है। ग्रामीण आंचल में लावारिस पशुओं की संख्या खासी है। इनको
पकड़कर समस्या का समाधान करने की जरूरत है।