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आधा प्रतिशत सर्विस टैक्स से शहर पर पडे़गी 5 करोड़ की मार

Mon, 29 Feb 2016 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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नए बजट में सर्विस टैक्स का दायरा बढ़ने से एक बार फिर शहर के लोगों को महंगाई की मार सहनी पड़ेगी। अब तक हिसार जिला 110 करोड़ रुपये सर्विस टैक्स चुकाता था। सर्विस टैक्स के नाम पर 2016-17 में शहरवासियों की जेब से 115 करोड़ रुपये निकाले जाएंगे।
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बजट से शहर को सर्विस टैक्स के नाम पर करीब 5 करोड़ रुपये ज्यादा चुकाने पडे़ंगे। पिछले साल करीब दो प्रतिशत सर्विस टैक्स बढ़ाया गया था।

इसमें डेढ़ प्रतिशत बजट के समय तथा 0.5 प्रतिशत नवंबर में स्वच्छ भारत सैस के नाम पर बढ़ाया गया था। पिछले साल तक हिसार सर्कल से करीब 80 करोड़ रुपये सर्विस टैक्स आता था। 2015-16 के वित्तवर्ष में यह टैक्स 110 करोड़ तक पहुंच गया। इस बार यह 115 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

ऐसे समझें कहां ज्यादा चुकाएंगे
300 रुपये की सिनेमा टिकट पर 45 रुपये सर्विस टैक्स वसूला जाएगा।
500 रुपये का पिज्जा खाएंगे तो सर्विस टैक्स 75 रुपये लगेगा।
1000 रुपये की रेलवे टिकट खरीदेंगे तो 150 रुपये सर्विस टैक्स होगा।
5000 रुपये की एयर टिकट 750 रुपये सर्विस टैक्स लिया जाएगा।

पिछले वित्तवर्ष में दो प्रतिशत बढ़ाया
पिछले बार केंद्र सरकार ने बजट में 1.5 प्रतिशत सर्विस टैक्स बढ़ाया था। एक जून से इसे लागू किया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने स्वच्छता अभियान के नाम पर 0.5 प्रतिशत सर्विस टैक्स बढ़ा दिया था। 15 नवंबर से यह लागू किया था। इस हिसाब से पिछले वित्तवर्ष में दो प्रतिशत सर्विस टैक्स बढ़ाया गया था।
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यहां चुकाएंगे सर्विस टैक्स
होटल, रेस्टोरेंट में खाना, सिनेमा-मल्टीप्लेस में फिल्म देखना, अस्पताल में उपचार कराना, मोबाइल का बिल, ब्यूटी पार्लर की सेवा, एडवोकेट, सीए की सर्विस लेना, कोचिंग इंस्टीट्यूट, अस्पताल की सेवाएं, रेलवे-हवाई यात्रा, टैक्सी सर्विस, कैटरिंग सर्विसेज, मैरिज हॉल, लॉन बुकिंग सेवाएं, कोरियर कंपनी सर्विस, कार-बाइक एजेंसी की सेवाएं, टूर ट्रैवल एजेंसी की सेवाएं, मेगा स्टोर से खरीदारी।

सरकारी विभाग भी चुकाते हैं टैक्स
रोडवेज, बिजली निगम सहित कई अन्य सरकारी संस्थाओं के जरिए भी आम नागरिक सर्विस टैक्स चुकाता है। नागरिकों को इस बारे में जानकारी नहीं होती। यह संस्थान सीधे तौर पर टैक्स जमा कराते हैं।

रिटेल स्टोर की खरीदारी मंहगी
बड़ी कंपनियों की ओर से खोले गए रिटेल स्टोर पर भी नागरिकों को सर्विस टैक्स चुकाना होगा। इसमें खरीद के अनुसार टैक्स लिया जाएगा। कंपनियों की ओर से टैक्स नागरिकों से वसूल कर विभाग को जमा कराया जाता है। बड़ी कंपनियां सर्विस टैक्स ऑनलाइन जमा कराती हैं।
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