हांसी। रेलवे स्टेशन पर वीरवार को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए जीआरपी चौकी इंचार्ज एसआई महेंद्र को एसीबी ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से एक दिन के रिमांड पर भेजने के आदेश दिए गए। रिमांड के दौरान आरोपी की आवाज का नमूना लेकर शिकायतकर्ता के साथ बातचीत की रिकॉर्डिंग से मिलान किया जाएगा। एसआई महेंद्र 5 महीने बाद ही सेवानिवृत्त होने वाला है।
एसीबी हिसार के इंस्पेक्टर कर्मबीर के मुताबिक मय्यड़ गांव के एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि उसका दोस्त संदीप निवासी मय्यड़ ने 13 जुलाई 2025 को ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मौके पर पड़ी उसकी बाइक को कोई उठा ले गया था। इस बाइक को बरामद करने के लिए एसआई महेंद्र के पास गए। 15 अगस्त को एसआई ने रामायण निवासी सोमबीर को फोन कर जीआरपी चौकी पर बुलाया। अगले दिन जब शिकायतकर्ता अपने दोस्त सोमबीर के साथ पहुंचा तो एसआई ने बाइक देने के बदले 30 हजार रुपये मांगे। बाद में सौदा 15 हजार रुपये में तय हुआ। इसके बाद एसीबी ने शिकायतकर्ता और एसआई के बीच पैसों के लेन-देन की बातचीत रिकॉर्ड की। वीरवार को शिकायतकर्ता को 15 हजार रुपये देकर एसआई महेंद्र के पास भेजा। उसने जैसे ही पैसे दिए एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।