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Hisar News: मां सजा रही थी बेटे के सिर पर सेहरे का सपना, घर पहुंची मौत की खबर

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इस टैंक में हादसा हुआ था। 
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हिसार। सीवरेज टैंक की ब्लॉकेज दूर करते समय जहरीली गैस की चपेट में आकर जान गंवाने वाले मोनू की मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची, उसकी मां का बेटे के सिर पर सेहरा सजाने का सपना भी चकनाचूर हो गया। इस हादसे ने माता-पिता से उनके बुढ़ापे का इकलौता सहारा भी छीन लिया।
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गंगवा गांव निवासी करण ने बताया कि मोनू उसके चाचा का बेटा था। करीब पांच माह पहले ही उसकी सगाई हुई थी। युवती हिसार के भारत नगर की रहने वाली है। हालांकि अभी शादी की तारीख तय नहीं हुई थी लेकिन उसी दिन से उसके चाचा राजेश और चाची कांता देवी उस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, जब उनका इकलौता बेटा सेहरा पहनकर घोड़ी चढ़ेगा। अब उनका यह सपना अधूरा रह गया है। इकलौता बेटा होने के कारण चाचा-चाची उसे बेहद प्यार करते थे। मोनू का भी अपने माता-पिता के प्रति गहरा लगाव था। मोनू की एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है।

दो माह पहले ही ठेकेदार के अधीन शुरू किया था काम

करण ने बताया कि मोनू ने करीब दो माह पहले ही ठेकेदार के अधीन काम शुरू किया था। वह अधिक पढ़ा-लिखा नहीं था। हादसे में घायल सोनू भी उसका रिश्तेदार है। सोनू विवाहित है और उसके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक चार वर्षीय बेटा शामिल है।
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मोनू बोला था- पहले काम कर लेते हैं खाना बाद में खा लेंगे

पंपिंग स्टेशन पर कार्यरत अंजना ने बताया कि दोपहर में भोजन का समय हो गया था। अन्य कर्मचारियों ने मोनू और सोनू को पहले खाना खाने की सलाह दी, लेकिन मोनू ने कहा कि पहले काम पूरा कर लेते हैं, फिर खाना खा लेंगे। दोनों टैंक में उतरे और लोहे की पाइप से ब्लॉकेज हटाने लगे। जैसे ही रुकावट दूर हुई, टैंक में पानी के साथ जहरीली गैस भर गई। गैस के प्रभाव से दोनों बेसुध होकर गिर पड़े। बाहर खड़े कर्मचारी ने शोर मचाया, जिसके बाद लोगों ने रस्सी की मदद से दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

गंगवा गांव में हुई घटना बेहद दुखद है। अधिकारियों को ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। मौके पर सुरक्षा उपकरण मौजूद थे, लेकिन यह ठेकेदार की जिम्मेदारी थी कि कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण पहनाकर ही टैंक में उतारा जाए। सभी अधिकारियों को इस संबंध में दोबारा निर्देश जारी किए गए हैं। मामले में अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।

- रणबीर सिंह गंगवा, जनस्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा



सीवर सफाई के सुरक्षा मानक

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई मानव श्रम से नहीं कराई जानी चाहिए। यदि आपात स्थिति में कर्मचारियों को उतारना पड़े तो सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है।
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गैस मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर, सुरक्षा बेल्ट, रबर के दस्ताने, गमबूट और सुरक्षात्मक सूट अनिवार्य।

सफाई कार्य सक्शन मशीन, जेटिंग मशीन और रोबोटिक उपकरणों से कराया जाए।

मैनहोल में उतरने से पहले गैस डिटेक्टर से जहरीली गैसों की जांच की जाए।

प्राथमिक उपचार किट और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित हो।

केवल प्रशिक्षित और पंजीकृत कर्मचारियों को ही कार्य में लगाया जाए।

कार्यस्थल पर सुरक्षा बैरिकेड्स और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।

इन हादसों से भी नहीं लिया सबक

28 फरवरी 2021: लाहौरिया चौक पर मैनहोल की सफाई के दौरान जहरीली गैस से 21 वर्षीय विक्रांत की मौत।

19 अप्रैल 2022: उकलाना के बुढ़ाखेड़ा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में टैंक की सफाई के दौरान चार मजदूरों की मौत।

17 मई 2022: हांसी की चरण सिंह मार्केट में सीवरेज कनेक्शन के दौरान मध्य प्रदेश निवासी मजदूर नंदलाल की मौत।

29 जून 2022: गंगवा गांव में सीवरेज में लगी मोटर की जांच के दौरान दो ग्रामीणों की जान गई।
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