हिसार। वन विभाग कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में मंगलवार सुबह कांवड़ चढ़ाने के बाद गुंबद से उतरते समय बिजली के तार से करंट लगने से से कांवड़िए मुकंदी (32) की मौत हो गई। वह हरिद्वार से झूला कांवड़ लेकर आया था और इस मंदिर में आठवीं बार कांवड़ चढ़ा रहा था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
एचटीएम थाना प्रभारी विकास ने बताया कि मामले में इत्तेफाकिया कार्रवाई की गई है। शिव नगर निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि वह वन विभाग से चालक के पद से सेवानिवृत्त हैं। उनका बेटा मुकंदी मंगलवार सुबह करीब 5:15 बजे वन विभाग कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में कांवड़ चढ़ा रहा था।
कांवड़ चढ़ाने के बाद वह मंदिर के गुंबद से नीचे उतर रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे बिजली के तार से करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे जिंदल अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
बेटे ने ही मंदिर पर चढ़ाई थी पहली कांवड़
ओमप्रकाश ने बताया कि कॉलोनी बनने के समय से ही यहां शिव मंदिर है। पहले मंदिर छोटा था। वर्ष 2007 में कॉलोनीवासियों ने मिलकर इसका जीर्णोद्धार कराया था। वर्ष 2018 में वन विभाग कार्यालय में चीफ कंजर्वेटर एसएस जाटन थे। उनकी पत्नी ने एक बार पूछा था कि मंदिर में कभी कांवड़ नहीं चढ़ती क्या। इस पर ओमप्रकाश ने कहा था कि अब हर साल मंदिर में कांवड़ चढ़ेगी। इसके बाद पहली बार उनके बेटे मुकंदी ने मंदिर में कांवड़ चढ़ाई थी। तब से वह हर साल यहां कांवड़ चढ़ाता था। इस बार उसके दो दोस्त भी उसके साथ कांवड़ लेने हरिद्वार गए थे।
दोस्त को भी लगा था करंट
ओमप्रकाश ने बताया कि कांवड़ चढ़ाने के बाद नीचे उतरते समय पहले मुकंदी का दोस्त उतरा था। उसे भी हल्का करंट लगा था। इसके बाद मुकंदी नीचे उतर रहा था तो उसका पैर कटे हुए बिजली के तार से छू गया और वह करंट की चपेट में आ गया। वहां मौजूद उसके दोस्त मनोज ने लकड़ी की मदद से उसे तार से अलग किया।
चार बेटों में सबसे छोटा था मुकंदी
ओमप्रकाश के अनुसार मुकंदी चार बेटों में सबसे छोटा था। वह शादीशुदा था और उसके सात साल की बेटी व पांच साल का बेटा है। मुकंदी एक निजी अस्पताल में काम करता था।