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Hisar News: राखीगढ़ी में सात दिन दिखेगी 5000 साल पुरानी सभ्यता की झलक

Tue, 20 Oct 2026 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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नारनौंद। राखीगढ़ी में सोमवार को संस्कृति और इतिहास का अनूठा संगम नजर आया। हरियाणवी लोक गीतों पर नृत्य और नगाड़ों की थाप से गुंजायमान माहौल के बीच लोग स्टॉल और प्रदर्शनियों में पुरावशेष देखकर दंग रह गए। 25 अक्तूबर तक यही माहौल यहां दिखेगा। इस बार इतिहास सिर्फ किताबों और संग्रहालयों में देखने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पर्यटक और विद्यार्थियों को 5000 साल पुरानी सभ्यता को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
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हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि राखीगढ़ी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राखीगढ़ी में मिले पुरातात्विक साक्ष्य प्राचीन समय की जल निकासी, स्वच्छ पेयजल, खेती-बाड़ी, बैलगाड़ी और कारीगरी से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी देते हैं। मिट्टी से बनी वस्तुएं उस समय के कारीगरों के हुनर और सृजनशीलता को भी सामने लाती हैं। युवाओं को गाइड के तौर पर तैयार करने के लिए उन्हें छोटे कोर्स भी कराए जाएंगे। हांसी के विधायक विनोद भयाना ने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन से राखीगढ़ी की ऐतिहासिक पहचान और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि राखीगढ़ी मानव सभ्यता के विकास और प्राचीन जीवनशैली को समझने का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में राखीगढ़ी महोत्सव सूरजकुंड और खजुराहो जैसे प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों की तरह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाएगा।
ओपन म्यूजियम विकसित करने की योजना: अग्रवाल
विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि राखीगढ़ी में ओपन म्यूजियम और साइट म्यूजियम विकसित करने की योजना है। साइट म्यूजियम का ढांचा तैयार हो चुका है। इसे अगले महोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। महोत्सव के माध्यम से आसपास के स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को अपनी प्राचीन संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। राखीगढ़ी की पहचान बढ़ने से देश-विदेश के पर्यटक यहां पहुंचेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा। समारोह में हिसार की विधायक सावित्री जिंदल, सफीदों के विधायक रामकुमार गौतम, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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48 स्टॉल के जरिए महिलाओं को रोजगार देने की कोशिश
महोत्सव में 54 स्टॉल में से 48 महिला स्वयं सहायता समूहों को दी गई हैं। महिलाएं अपने समूह द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की खुद ही मार्केटिंग कर उन्हें बेच रही हैं। हरियाणा ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन के जिला परियोजना समन्वयक वीरेंद्र श्योरण ने बताया कि महिलाएं यहां हस्तशिल्प और खाद्य उत्पाद बेच रही हैं। किसी निजी व्यक्ति या संस्था को स्टॉल नहीं दिया गया है।

क्विज के जरिए विद्यार्थियों को राखीगढ़ी का इतिहास पढ़ा रहे
महोत्सव में स्कूली विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया। प्रश्नोत्तरी में सभी सवाल राखीगढ़ी, सिंधु घाटी सभ्यता और इतिहास से संबंधित पूछे गए। प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को राखीगढ़ी के इतिहास से जोड़ने का प्रयास किया गया ताकि भविष्य में ऐसे विद्यार्थियों को गाइड के तौर पर भी तैयार किया जा सके।
कुश्ती, डांस की प्रतियोगिताएं
महोत्सव के पहले दिन कुश्ती के मुकाबले भी कराए गए जिनमें अलग-अलग भार वर्ग के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। स्कूली विद्यार्थियों की टीमों ने समूह नृत्य प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। हरियाणवी संस्कृति का महत्व बताने वाले लोकगीतों पर समूह नृत्य कर विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। हरविंद्र मलिक की टीम की ओर से दी गई प्रस्तुति ‘हे जी, मैंने राम मिले भगवान’ भजन पर खूब तालियां बजीं।
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