तेहाबाद। विजिलेंस विभाग की टीम ने जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जेई के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गांव भूथनकलां निवासी धर्मपाल ढाका सफाई ठेकेदार का काम करता है। धर्मपाल का जनस्वास्थ्य विभाग में करीब एक लाख का बिल पेंडिंग है। उसने जनस्वास्थ्य विभाग के जेई रमेश कुमार से बिल पास करवाने की मांग की। इसपर जेई ने उससे 20 हजार रिश्वत के तौर पर मांगे। धर्मपाल ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग में दे दी। विजिलेंस विभाग के एसपी ने शिकायत के आधार पर इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। टीम ने उपायुक्त डा.साकेत कुमार से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की। उपायुक्त ने नायब तहसीलदार रघुबीर सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया। बुधवार को जेई रमेश कुमार ने ठेकेदार धर्मपाल को रिश्वत की रकम देने के लिए पपीहा पार्क के पास एक कंफेक्शनरी की दुकान में बुलाया। तयशुदा प्लानिंग के अनुसार विजिलेंस ने धर्मपाल को हस्ताक्षर युक्त 500-500 के नोटाें पर केमिकल लगाकर दे दिया। धर्मपाल कंफेक्शनरी की दुकान पर पहुंचा। उसके पीछे विजिलेंस टीम चल रही थी। जैसे ही धर्मपाल ने जेई को पैसे थमाएं टीम ने रेड कर दी। टीम ने जेई के हाथ धुलवाएं तो उसके हाथ लाल हो गये। विजिलेंस विभाग के इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि जेई रमेश कुमार के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे वीरवार को फतेहाबाद की अदालत में पेश किया जाएगा।