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आयरन की गोलियां खाने से सौ बच्चे बीमार

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फतेहाबाद। क्षेत्र के तीन गांवाें के सरकारी स्कूलाें में बुधवार को आयरन की गोलियां खाने से 100 से अधिक बच्चाें की तबीयत बिगड़ गई। इनमें से 50 बच्चों को फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी 50 बच्चाें को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्राें व जिला मुख्यालय के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
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एनआरएचएम योजना के तहत प्रदेश में बच्चों को स्कूलों में आयरन की गोलियां दी जा रही हैं। मंगलवार को भूना के गांव चौबारा, भिरड़ाना, अहलीसदर समेत कई गांवों के स्कूलों में बच्चों को आयरन की गोलियां खाने के लिए दी गई थी। बुधवार सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो अधिकांश बच्चों ने अध्यापकाें से पेट में दर्द और उल्टी आने की शिकायत की। जिस पर अभिभावक और अध्यापक उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले गए। चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देकर घर रवाना कर दिया। गंभीर रूप से पीड़ित बच्चों को फतेहाबाद के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। फतेहाबाद में उपचाराधीन बच्चों में गांव भिरड़ाना के सीनियर सेकेंडरी स्कूल की सुमन, बिमला, प्रियंका, सुमन, परमजीत कौर, किरणजीत कौर, सपना, प्रीति, राजरानी, गुरप्रीत, राजेंद्र, रोहताश, हरपाल, प्रवीण, रणजीत सिंह, प्रदीप कुमार, विजय, गौरव, विक्रम, विजय, कुलदीप समेत 30 बच्चे शामिल हैं। इसी तरह गांव चौबारा से नौ और अहलीसदर से करीब 20 छात्राओं को सिविल अस्पताल फतेहाबाद, स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। जबकि गांव भिरड़ाना के 20 बच्चाें, चौबारा के 10 और अहलीसदर के 18 बच्चाें को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सूरजभान कंबोज ने बताया कि आयरन की गोली खाने के कारण उनके पास कुछ बच्चे आए थे। उन्हें इलाज के बाद घर भेज दिया गया। कुछ बच्चों की हालत अधिक बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। सीएमओ का कहना है कि आयरन की गोली से घबराने की कोई बात नहीं है। कभी-कभी साइड इफेक्ट के कारण ऐसी हालत हो जाती है।
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