रतिया (फतेहाबाद)। उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर कार बेचने के मामले की सुनवाई करते हुए शनिवार को मामा-भांजे को 3-3 वर्ष कैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोनाें पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार रतिया निवासी अजय कुमार की गांव हुकमावाली निवासी जसवंत सिंह से जान-पहचान थी। अजय कुमार को कार खरीदनी थी। इस पर जसवंत सिंह ने उसे अपने भांजे संगरूर निवासी हरिंद्र सिंह से मिलवाया। 20 अप्रैल 2008 को जसवंत सिंह व हरिंद्र सिंह ने अजय को एक इंडिका कार दे दी। कार का सौदा 3 लाख पांच हजार रुपये में तय हुआ था। कुछ दिन बाद हरिन्द्र सिंह ने अजय कुमार को अपने नाम का एफीडेविट दे दिया और दो अगस्त 2008 को उसने कार की आरसी दी। पुलिस को दी शिकायत में अजय ने बताया था कि कार की आरसी राजस्थान के एक व्यक्ति के नाम पर थी और जब उसने पड़ताल की तो पता चला कि यह आरसी नकली है। इस पर पुलिस ने संगरूर निवासी हरिंद्र सिंह, उसके मामा जसवंत सिंह, हरिंद्र के भाई गुरविंद्र, जसवीर सिंह, गांव रामपुरा फूल निवासी जीवनलाल और बलविंद्र पर धोखाधड़ी, षड़यंत्र रचने का मामला दर्ज किया था। अदालत ने अन्य लोगाें को साक्ष्याें के अभाव में बरी कर दिया।