जींद। जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक रविवार को जाट धर्मशाला में राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक की अध्यक्षता में हुई। इसमें जाट आरक्षण पर विचार विमर्श करते हुए सर्वसम्मति से तीन प्रस्ताव पारित किए गए। पहले प्रस्ताव में कहा गया कि जब तक आरक्षण नहीं मिलेगा, आंदोलन वापस नहीं होगा। दूसरे प्रस्ताव में सरकार से मांग की गई है कि दस फीसदी आरक्षण की घोषणा का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा और तीसरे प्रस्ताव में कहा गया है कि राज्य सरकार जाटों को दस प्रतिशत आरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिशें भेजे ताकि केंद्रीय सेवाओं की नौकरियों में आरक्षण मिलने का रास्ता साफ हो।
बैठक में राज्य प्रधान धर्मपाल छौत, जींद के प्रधान रिटायर्ड कैप्टन रणधीर सिंह, अमी बिठमड़ा, रामधारी, मूलचंद दहिया सोनीपत, कृष्ण, निर्मला दहिया महिला विंग प्रधान मौजूद रही। समिति पदाधिकारियों ने खापों व सरकार के बीच आरक्षण मामले में समझौते को जनता के साथ धोखा बताया। राज्य प्रधान धर्मपाल छोत ने बताया कि जो तीन प्रस्ताव पारित हुए हैं, उन्हें छह जनवरी को महम में प्रस्तावित खापों की बैठक में रखा जाएगा।