हांसी (हिसार)। इनेलो के प्रधान महासचिव अजय चौटाला ने कहा है कि सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा प्रदेश से किए जा रहे भेदभाव और क्षेत्रवाद पर सरकारी आंकड़ों ने भी मोहर लगा दी है। पानीपत के पीपी कपूर द्वारा आरटीआई के तहत हरियाणा सचिवालय से हासिल की गई जानकारी का हवाला देते हुए चौटाला ने कहा कि आंकड़ों से यह साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री लंबे समय से घोषणामंत्री बनकर रह गए हैं। अजय चौटाला वीरवार को हिसार से दिल्ली जाते समय हांसी में पूर्व मंत्री सुभाष गोयल के पेट्रोल पंप पर कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए।
अजय चौटाला ने मुख्यमंत्री और उनके सांसद पुत्र पर निशाना साधते हुए कहा कि झूठी घोषणाएं करने में उनका कोई सानी नहीं है। सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सत्ता में आने के बाद 2005 से अब तक 616 ऐसी घोषणाएं कर डाली जो संभव ही नहीं थी। आखिरकार सरकारी अमले ने सीएम की घोषणाओं को ही नकारते हुए इन पर अंसभव की मुहर लगा दी। उन्होंने कहा कि सीएम के विकास कार्यों में भेदभाव की बानगी यह है कि रोहतक में अकेले 1237 घोषणाएं हुई और इनमें से 1082 पूरी कर दी गई, जबकि जींद में विकास के लिए केवल 181 घोषणाएं की और इनमें से भी 37 योजनाएं लंबित हैं। सिरसा में कुल 92 में से 45 घोषणाएं पूरी नहीं हुई। यमुनानगर जिले से सीएम हुड्डा ने 43 घोषणाएं की और 16 पर अब तक भी काम भी शुरू नहीं हुआ। हिसार में 270 में से 105 पर अभी काम शुरू नहीं हुआ।
पंचकुला जिले में 47 घोषणाओं में केवल 16 घोषणाएं पूरी की गई। सीएम हुड्डा ने करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, सोनीपत, गुड़गांव, फरीदाबाद, पलवल, फतेहाबाद, कैथल, रेवाड़ी, मेवात, महेंद्रगढ़, भिवानी सहित अन्य जिलों में घोषणाएं करने में भेदभाव किया और जो घोषणाएं की उनमें से 50 प्रतिशत को भी अंजाम तक नहीं पहुुंचाया। गुड़गांव व फरीदाबाद में क्रमश: 69 व 89 घोषणाएं की, जिनमें अधिकांश पर काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सीएम को घोषणामंत्री साबित करने के लिए ये काफी है कि रोहतक को छोड़कर पूरे प्रदेश में कुल 3898 घोषणाएं की गई और इनमें से 2274 घोषणाएं अभी लंबित हैं। यानि 58 प्रतिशत घोषणाएं मात्र घोषणाएं बनकर रह गई हैं। उन्होंने कहा कि समान विकास के दावे करने वाले कांग्रेसी नेताओं के मुंह पर ये सरकारी आंकड़े तमाचा हैं।