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सिसाय गांव में हत्या के मामले में तीनों दोषियों को आजीवन कारावास और 12-12 हजार रुपये जुर्माना

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। जिले के उपमंडल हांसी के गांव सिसाय में 12 जुलाई 2016 को गांव के रामकुमार की हत्या के मामले में एडीजे देशराज चालिया की अदालत ने सिसाय निवासी अशोक, रघुवीर व नरेंद्र को हत्या, मारपीट व अनुसूचित जाति अत्याचार के मामले में आजीवन कारावास और 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने की सूरत में उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने तीनों को 25 मार्च को दोषी करार दिया था। मृतक रामकुमार के पोते बलवान सिंह के बयानों पर केस दर्ज हुआ था।
पुलिस को दिए बयान में बलवान ने बताया था कि 11-12 जुलाई 2016 की दरमियानी रात वह अपनी गली में खाट पर लेटा हुआ था कि करीब 12 बजे रात को एक सफेद रिट्ज गाड़ी आकर रुकी। उसमें से दोषी नरेंद्र, रघुवीर व अशोक नीचे उतरे, जिन्होंने गाड़ी में से एक व्यक्ति को खींचकर गली में फेंक दिया। वह व्यक्ति रामकुमार था, जो मृत हालत में था। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि इसे उठाकर उसके घर फेंक आ। इस पर बलवान ने कहा कि तुम इसे मारकर लाए हो, मैं क्यों घर फेंक कर आऊं। इस बात पर तीनों दोषी आग बबूला हो गए और उन्होंने बलवान के साथ भी मारपीट की और उसे जातिसूचक गालियां देते हुए मौके से चले गए। इसके बाद सुबह मौके पर पुलिस ने आकर कार्रवाई की और बलवान सिंह के बयान पर आरोपियों के खिलाफ थाना सदर हांसी में 12 जुलाई 2016 को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 323, 34, 506 और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर अशोक, रघुवीर व नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। करीब ढाई साल तक चले इस मुकदमे में अदालत ने 25 मार्च को तीनों को दोषी करार दिया और शुक्रवार को तीनों को सजा सुनाई।
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शराब के नशे में हुई थी कहासुनी
सभी दोषी और रामकुमार किसी समारोह में हांसी गए थे। वहां पर सभी ने शराब पी। शराब के नशे में रामकुमार और दोषियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इस पर दोषियों ने पीट-पीटकर रामकुमार की हत्या कर दी थी।
धारा - सजा - जुर्माना
302 - आजीवन - 5000
323 - एक साल - 1000
506 - तीन साल - 1000
एससीएसटी - पांच साल - 5000
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