हिसार। हिसार को रोहतक समझकर एक व्यक्ति पिछले तीन दिनों से हिसार में घूम रहा था। सामाजिक कार्यकर्ता रवि ताखर ने जब व्यक्ति को कैंप चौक पर परेशान हालत में बैठे देखा तो उन्हें शंका हुई कि जरूर यह व्यक्ति किसी परेशानी में बेघर और असहाय हालत में घूम रहा है। उन्होंने व्यक्ति से बातचीत शुरू की तो उसने बताया कि वह रोहतक का रहने वाला है और इस वक्त रोहतक में ही है। जिस पर रवि ताखर ने कहा कि यह रोहतक नहीं, हिसार है, लेकिन व्यक्ति जिद्द करता रहा। उसकी बातों से लग रहा था कि उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। धीरे-धीरे रवि ताखर ने उससे परिवार व संपर्क सूत्र संबंधी जानकारी हासिल की और उनके घर पर फोन मिलाया। घर पर व्यक्ति की बेटी ने फोन उठाया तो उसने बताया कि उसके पिता जी पिछले तीन-चार दिनों से घर से लापता हैं और उनके परिवार ने उन्हें सभी जगह तलाश कर लिया, लेकिन वह नहीं मिले। इसके बाद रवि ताखर से संपर्क कर व्यक्ति के रिश्तेदार उसे लेने हिसार आए। परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही उसने अपनी बेटी की शादी की थी।