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दलितों पर दर्ज एफआईआर 7 अप्रैल तक वापस लेने का अल्टीमेटम

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
सोमवार को उपद्रव के बाद दलित संगठनों से जुडे़ लोगों पर केस दर्ज करने के बाद दलित संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक मंगलवार को कबीर छात्रावास में हुई। दलित संगठनों ने डीसी को मांगपत्र सौंपकर प्रशासन को पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है। दलित संगठनों ने कहा कि सात अप्रैल तक सभी केस वापस लिए जाएं। ऐसा नहीं किया गया तो आठ अप्रैल को मीटिंग कर अगले आंदोलन का एलान होगा।
छात्रावास में आयोजित बैठक में सभी सामाजिक संगठन कर्मचारी संगठन, विद्यार्थी संगठन व समाज के प्रतिष्ठित लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक की शुरुआत में ही पुलिस की कार्रवाई को अमानवीय और दलित विरोधी बताते हुए इसकी निंदा की। पुलिस की ओर से सामाजिक, विद्यार्थी कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों के विरुद्ध की गई एफआईआर दर्ज करने की निंदा की गई। दलित संगठनों ने कहा कि सात अप्रैल तक का प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। सभी मुकदमे वापस लें। ऐसा नहीं किया तो आठ अप्रैल को मीटिंग कर दो अप्रैल से भी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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बैठक में मुख्य रूप से गुरचरण सिंह उर्फ काका, प्रवीन कुमार, विक्रांत बागड़ी, मुकेश डुलगज, मियां सिंह, बलराज सातरोड़िया, राजकपूर पाली, जोगीराम खुंडिया, राजबीर सोरखी, राजेश मेहंदिया, दवि बिरला, जयपाल रंगा, कैप्टन तुलाराम, उदयभान चोपड़ा, सुरेंद्र भोरिया, राममेहर शिल्ला, मनदेव, इंद्राज भारती, नरेश कागड़ा, कुलदीप, मान सिंह चौहान, धर्मा नंबरदार, मुकेश वाल्मीकि, नरेंद्र, सुरेंद्र, मोहन, संजय मोरवाल, सुनील गोरिया, कुलदीप मुआल, सेवा सिंह, सुदामा बोध, राजेश राठी, रविंद्र चौहान, संजय खारा खेड़ी, कुलदीप लाडवा, अजय कुमार, विनोद नाडा, अमित रेडू, रविंद्र, जोगेंद्र, जगत सिंह, संत लाल, रामनिवास पंच, धर्मबीर सोलंकी व अन्य सामाजिक संगठन, विश्वविद्यालय और कॉलेजों के छात्र मौजूद रहे।
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सभी नेताओं पर केस
पार्षद मान सिंह चौहान ने कहा कि सभी नेताओं पर केस दर्ज कर लिया है। इनमें नगर निगम पार्षद मान सिंह चौहान, बसपा नेता बलराज सातरोड़िया, ताराचंद बागड़ी, जोगीराम खुंडिया, जितेंद्र सभरवाल, उदयभान चोपड़ा, एसपी चालिया, कुलदीप भुक्कल, नगर पालिका संघ के प्रधान प्रवीण कुमार, नरेश कांगड़ा सहित सैकडों लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। पार्षद मान सिंह चौहान ने कहा दलित समाज के लोगों ने फैसला लिया कि समाज के वकील गिरफ्तार युवाओं के केस नि:शुल्क लडे़ंगे। जिन लोगों पर एफआईआर है। उनको भी पूरी कानूनी मदद की जाएगी।

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