अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
नगर निगम की ओर से नए वित्त वर्ष का बजट 66 करोड़ 35 लाख 91 हजार रुपये रखा गया है। मगर विकास पर सिर्फ दो करोड़ 60 लाख रुपये ही खर्च होंगे। 66 करोड़ में से 46 करोड़ 49 लाख 45 हजार रुपये तो कर्मचारियों के वेतन-भत्तों पर ही खर्च हो जाएंगे। इसके अलावा 13 करोड़ 95 लाख रुपये सेवानिवृत्त पेंशनर्स को पेंशन व एडवांस कंप्यूटेशन देने, मौजूदा और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 18 महीने का एरियर देने, सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ देने आदि पर खर्च होंगे। बजट को पारित करने के लिए पांच अप्रैल को निगम कार्यालय में सदन की बैठक होगी।
3 करोड़ 33 लाख रुपये छोटे कार्यों पर होंगे खर्च
इसके अलावा ऑफिस और अन्य जरूरी कार्यों के लिए 3 करोड़ 33 लाख 20 हजार रुपये के खर्च का प्रावधान किया गया है। इनमें वकीलों की फीस, टेलीफोन के बिल, स्टेशनरी-प्रिंटर खर्च, दुकानों की बोली संबंधी विज्ञापन, पार्कों में घास काटने के लिए मशीनें, खुरपी, कस्सी, लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए जरूरी सामग्री, वाटर सप्लाई, दमकल केंद्र की गाड़ियों में डीजल-पेट्रोल आदि का खर्च शामिल हैं।
नई पार्किंग बनाने पर खर्च होंगे 15 लाख
नए वित्त वर्ष के दौरान शहर में कुछ नई पार्किंग बनाने का भी प्रावधान किया गया है। इस पर 15 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा चौक-चौराहों की सुंदरता बढ़ाने के लिए पगडंडियों पर नई टाइलें लगाई जाएंगी, जिस पर 20 लाख रुपये खर्च होंगे।
सबसे बड़ी आय का साधन हाउस टैक्स
नगर निगम के पास नए वित्त वर्ष में भी आय का सबसे बड़ा साधन हाउस टैक्स होगा। वर्ष 2018-19 के दौरान हाउस टैक्स से आय का लक्ष्य 22 करोड़ 50 लाख रुपये रखा गया है। इसमें नौ करोड़ रुपये हाउस टैक्स होगा, जबकि 13 करोड़ 50 लाख हाउस टैक्स एरियर शामिल हैं। इसके अलावा 18 करोड़ रुपये स्टांप ड्यूटी से मिलेंगे। शहर के कलेक्टर रेट के अनुसार दो प्रतिशत की दर से निगम को 18 करोड़ की आमदनी होगी। इसी तरह 1 करोड़ 40 लाख रुपये दुकानों का किराया मिलेगा।
पहली बार वसूला जाएगा यूजर चार्जेज
नगर निगम पहली बार डोर-टू-डोर कचरा उठाने की व्यवस्था करेगी। यह व्यवस्था सेक्टरों में भी होगी। इसके लिए मकान मालिक से यूजर चार्जेज वसूले जाएंगे। यूजर चार्जेज के जरिये निगम प्रशासन ने 1 करोड़ 20 लाख रुपये वसूलने का लक्ष्य रखा है। इसे पिछले वर्ष शुरू नहीं किया गया था, इसलिए पिछले बजट में इस चार्ज से संबंधित शून्य राशि थी।
पांच लाख लेंगे स्लॉटर हाउस की फीस
पिछले बजट के दौरान स्लाटर हाउस फीस के रूप में नगर निगम प्रशासन ने एक लाख रुपये वसूलने का लक्ष्य रखा था। मगर स्लॉटर हाउस बंद होने के कारण साल भर के दौरान एक भी रुपया इस मद के जरिये जमा नहीं हो पाया। इस बार पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एनओसी मिल गई है, इसलिए स्लॉटर फीस के लक्ष्य में बढ़ोतरी की गई है। अबकी बार पांच लाख रुपये वसूलने का प्रयास रहेगा।
इन कार्यों पर भी खर्च होगा पैसा
वेतन भत्तों पर 46 करोड़ 49 लाख
पेंशन, भत्ते आदि पर भुगतान 13 करोड़
स्ट्रीट लाइटों पर नई ट्यूब लाइट लगाने पर 1 करोड़
नंदीशाला के रखरखाव के लिए 50 लाख
बंदर और लावारिस पशु पकड़ने पर 30 लाख
शहर में सुलभ शौचालयों के रखरखाव पर 30 लाख
स्लम बस्तियों में सड़कें बनाने पर 20 लाख
शहर के चौकों के रखरखाव पर 20 लाख
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आमदनी के कुछ मुख्य स्रोत
स्टांप डयूटी से 18 करोड़
हाउस टैक्स से 22 करोड़ 50 लाख
इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से 7 करोड़
एक्साइज ड्यूटी से 5 करोड़
भूमि बिक्री से आय से 2 करोड़ 50 लाख
अग्निशमन सेवा चार्ज से 2 करोड़
ट्रेड लाइसेंस फीस से 90 लाख
एंट्री टैक्स से 60 लाख
अवैध निर्माण समझौता फीस से 50 लाख