अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय 27-28 मार्च को कृषि मेला (खरीफ) -2018 का आयोजन करेगा। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम दो दिन का होगा और मेले की विषय वस्तु - वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना है।
इस मेले में किसानों के साथ-साथ बीज, उर्वरक, कीटनाशक दवाओं, कृषि मशीनें व यंत्र निर्माता कंपनियां भाग लेंगी। किसानों को विभिन्न कृषि कार्यों के लिए उपयुक्त मशीनों, यंत्रों एवं उनकी कार्य प्रणाली के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त किसानों को इन मशीनों की कीमत तथा इनके निर्माताओं की भी जानकारी मिल सकेगी। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हर साल मार्च में कृषि मेला आयोजित करता है जिसमें हरियाणा तथा पड़ोसी राज्यों से करीब 50 हजार किसान भाग लेते हैं। इस मेले में एग्रो-इंडस्ट्रियल प्रदर्शनी भी लगाई जाती है, जिसमें हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, लुवास और हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त विभिन्न कृषि निविष्टों और फॉर्म मशीनरी बनाने वाली कंपनियां भी भाग लेकर अपनी टेक्नोलॉजी प्रदर्शित करती हैं।
कृषि मेला (खरीफ) -2018 की अन्य विशेषताओं बारे विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. आरएस हुड्डा ने बताया कि मेले में किसानों को विश्वविद्यालय की ओर से सिफारिश की गई खरीफ फसलों के उन्नत बीज तथा बायो फर्टिलाइजर के अतिरिक्त कृषि साहित्य उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके लिए विभिन्न सरकारी बीज एजेंसियों के सहयोग से बिक्री काउंटर स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि किसानों को विश्वविद्यालय के अनुसंधान फार्म पर वैज्ञानिकों द्वारा उगाई गई रबी फसलें दिखाई जाएंगी और उनमें प्रयोग की गई टेक्नोलॉजी की जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर फसल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। डॉ. हुड्डा के अनुसार किसानों की कृषि, पशुपालन तथा गृहविज्ञान संबंधी समस्याओं का समाधान करने के लिए मेले के दोनों दिन प्रश्नोत्तरी सभाएं आयोजित की जाएंगी। मेला स्थल पर मिट्टी, सिंचाई जल व रोगी पौधों की वैज्ञानिक जांच करवाने की किसानों को सुविधा दी जाएगी। इस अवसर पर उन्नत नस्ल के पशुओं की प्रदर्शनी तथा फसल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। उधर, संयुक्त निदेशक (विस्तार) डॉ. कृष्ण यादव ने बताया कि मेले में लगने वाली एग्रो-इंडस्ट्रियल प्रदर्शनी के लिए स्टॉल की बुकिंग जारी है। प्राइवेट कंपनियों को स्टॉल पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर आवंटित किए जाएंगे। किसानों के मनोरंजन के लिए दोनों दिन हरियाणावी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।