अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
पंजाब साले की शादी में शरीक होकर वापस लौट रहे अर्बन इस्टेट निवासी दीपक और उसके दोनों बेटों की दर्दनाक मौत में बड़ा कारण कार सेंट्रल लॉक भी माना जा रहा है। ग्रामीणों ने पानी से जब मान्य और आदित्य को निकाला तो उनकी सांसें चल रही थीं। इन दोनों को बचाने के लिए अस्पताल ले जाने लगे तो रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
शुक्रवार का दिन अर्बन इस्टेट के लिए मनहूस साबित हुआ। मकान नंबर 1370 निवासी रिटायर्ड ईटीओ अमीलाल के बेटे और दो पौत्र की कार नहर में गिरने से तीनों की डूबकर मौत हो गई। मेडिकल स्टोर संचालक दीपक अपने इकलौते साले रिंकू की शादी में शामिल होने के लिए दोनों बेटों, पत्नी अन्नू के साथ गया था। 31 को शादी में शामिल होने के बाद दीपक पगफेरा के लिए रुक गया था। शुक्रवार को दीपक दोनों बेटों और एक अन्य रिश्तेदार के साथ सुबह करीब पांच बजे पंजाब के अबोहर से इन सभी को बस पकड़ने के लिए निकला। अन्नू कुछ दिन ठहरने के लिए वहीं रुक गई थी। गांव से अबोहर बस अड्डे तक आने के लिए कार में सवार थे। करीब चार किलोमीटर दूरी पर ही कार नहर में गिर गई। शवों के साथ आए परिजनों ने बताया कि पानी में गिरने के बाद गाड़ी सेंट्रल लॉक हो गई।
एक महीने से खाली थी नहर, रात को ही आया मौत का पानी
जिस नहर में यह गाड़ी गिरी, उसमें रात को ही पानी आया था। पिछले करीब एक महीने से नहर खाली थी। आधी रात बाद ही नहर में तेज बहाव हुआ था। इसके कुछ घंटे में ही यह पानी तीन जिंदगियों के लिए मौत बन गया। हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों ने परिजनों को बताया कि गाड़ी नहर में गिरते ही वहां काम कर रहे किसान ने इसकी सूचना पुलिस को दी। आसपास के लोगों ने कार को निकालने का प्रयास किया। आधे घंटे के भीतर ही कार को निकाला गया। जब कार से दीपक और उसके बेटों को निकाला गया, तब मान्य और आदित्य की सांसें चल रही थीं। अस्पताल ले जाते समय सांसें बंद हो गई।
सिसक उठा अर्बन इस्टेट
दो मासूमों और उनके पिता दीपक का शव लेकर एंबुलेंस शुक्रवार शाम 4.59 बजे अर्बन एस्टेट पहुंची। तीन शवों को देखकर लोगों की आंखों में आंसू आ गए। महिलाओं ने जोर से रोना शुरू कर दिया। अपना सब कुछ खो चुकी अन्नू को संभालने का परिजन प्रयास करते रहे। अन्नू की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। अन्नू बार-बार अपने होश खो रही थी। पानी पिलाने का प्रयास किया तो गले से पानी नहीं नीचे नहीं उतरा।
मेडिकल स्टोर चलाता था दीपक
दीपक सेक्टर-15 में मेडिकल हॉल चलाता था। उनका 14 वर्षीय बेटा मान्य नौवीं और 12 वर्षीय बेटा आदित्य सातवीं कक्षा में एक निजी स्कूल में पढ़ते थे। दीपक का भाई विकास महेंद्रा कंपनी में जॉब करता है। दूसरा भाई नीलम कुमार सूर्य नगर में अपना मेडिकल स्टोर चलाता है।
रिटायर्ड एसपी पतराम के समधी हैं अमीलाल
दीपक के पिता अमीलाल एक्साइज एंड टेक्सेसन डिपार्टमेंट में ईटीओ की पोस्ट से रिटायर्ड हैं। दीपक भाजपा भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष भूपसिंह रोहिल्ला का साला था। रिटायर्ड एसपी पतराम सिंह मृतक दीपक के पिता अमीलाल के समधी हैं। दीपक का भाई विकास पतराम सिंह का दामाद है।
14 मिनट में ही अंतिम संस्कार के लिए निकले
तीन शवों को देखकर पूरे एरिया में बेहद गमगीन माहौल रहा। सूर्यास्त करीब होने के कारण शवों को घर में उतारने के महज 14 मिनट में ही रस्में पूरी कर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। देर शाम सेक्टर 16-17 स्थित शमशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।