अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने एक महिला की गोली मारकर हत्या करने और उसके पति पर जानलेवा हमला करने पर हांसी के गोसाईं गेट निवासी हरपाल उर्फ कोकी और नरेंद्र उर्फ बंटू को उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उनको छह-छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने दोनों को बुधवार को दोषी करार दिया था। इस मामले में हांसी निवासी पवन सैनी और सैनीपुरा निवासी सोनू भगौड़े हैं।
हांसी सिटी थाना पुलिस ने इस बारे में 13 मई 2012 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार हांसी के लक्ष्मण चौतरा मोहल्ला निवासी रामप्रसाद गुर्जर ने पुलिस को बयान दिए थे कि रात 10:30 बजे उनके घर का दरवाजा खटखटाया गया। उसकी पत्नी रोशनी देवी ने दरवाजा खोला तो मोहल्ले के पवन सैनी ने रोशनी को गोली मार दी। सैनीपुरा के सोनू ने मुझे पर फायर किया, लेकिन मैं बाल-बाल बच गया। गोली मेरे पास से गुजर गई। उसके बाद पांचों हमलावर दो बाइक पर फरार हो गए।
रामप्रसाद ने शिकायत में बताया कि उन्होंने रोशनी देवी को एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया। यहां उसकी मौत हो गई। रामप्रसाद ने बयान में कहा था कि पवन के पिता ने हत्याके प्रयास के मामले में उसके बेटे प्रदीप का झूठा नाम लिखवा दिया था। उसी रंजिश के चलते पवन ने इस वारदात को अंजाम दिया है। हांसी सिटी थाना पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
पवन बख्शीखाने से हो चुका फरार
पुलिस के अनुुसार आरोपी पवन सैनी और सोनू फरार हैं। अदालत ने इस मामले में दोनों को भगौड़ा घोषित कर रखा है। एक आरोपी की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। पुलिस ने पवन सैनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बख्शीखाने से छह बंदी फरार हो गए थे। उनमें से एक पवन सैनी है। वह आज तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है।