फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेक्टरवासी हुए एकजुट, कहा- अब सहन नहीं होगी उपेक्षा

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार। नगर निगम द्वारा सेक्टरों की उपेक्षा के लिए खिलाफ शहर के सेक्टरवासी एक मंच पर आ गए हैं। विभिन्न सेक्टर एसोसिएशन ने शनिवार को संयुक्त बैठक करके नगर मांगों व समस्याओं बाबत शीघ्र ही निगम प्रशासन से मिलने का निर्णय लिया है। इसमें यह भी फैसला लिया गया कि यदि निगम प्रशासन मांगों व समस्याओं का समाधान करने में सक्षम नहीं है तो सेक्टरों को फिर से हुडा विभाग के अधीन करने की मांग की जाएगी।
इस संबंध में शनिवार को सेक्टर 13 के कम्यूनिटी सेंटर में सेक्टर-13 एसोसिएशन के प्रधान अमरलाल बूरा की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में शहर के अनेक सेक्टरों की वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधानों ने भाग लिया। इनमें मुख्य रूप से अर्बन एस्टेट के प्रधान रामनिवास गोयल आदमपुरिया, सेक्टर-15 के प्रधान योगराज गर्ग, सेक्टर 9-11 के प्रधान प्रवीण जैन, पीएलए के प्रधान सतपाल ठाकुर, मेला ग्राउंड एरिया से विनोद तोसावड़, सेक्टर-14 से अजय जिंदल, सेक्टर 16-17 के प्रधान जितेंद्र श्योराण के अलावा एमएस कुंडू, बलजीत सिंह पंघाल, दिनेश मेहता, सुभाष सैनी, राजू एवं अमित बेरवाल आदि उपस्थित रहे। बैठक में सभी ने निगम प्रशासन के प्रति रोष जताते हुए कहा कि निगम प्रशासन सेक्टरों की मांगों व समस्याओं का समाधान करने में सक्षम नहीं है। बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही दिए जाते हैं, लेकिन आश्वासनों पर अमल नहीं किया जाता। सेक्टर 16-17 एसोसिएशन के प्रधान जितेंद्र श्योराण ने बताया कि शीघ्र ही सभी सेक्टर एसोसिएशन पदाधिकारी नगर निगम आयुक्त से मिलेंगे और सेक्टरों की मांगें व समस्याएं रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन



एक्सटेंशन फीस लेने की अवधि दो से पांच वर्ष करने की मांग
हिसार। सेक्टर-5, सेक्टर-3 व सेक्टर-4 पार्ट-2 रेजीडेंट वेलफेयर सोसायटी ने हुडा प्रशासन द्वारा प्लॉट होल्डर से दो वर्ष बाद ही एक्सटेंशन फीस लिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के प्रधान बलवंत सिंह बूरा ने इस मामले में मुख्यमंत्री सहित विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर एक्सटेंशन फीस की समय सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हुडा सेक्टरों में प्लॉट होल्डर के लिए अपने परिवार के खर्चे को पूरा करते हुए दो वर्ष में मकान बनाना, हुडा विभाग को प्लॉट की बाकी राशि अदा करना तथा एन्हांसमेंट की राशि देना संभव नहीं है। उन्होंने मांग की कि जब तक एन्हांसमेंट की निर्धारित तारीख खत्म न हो, उससे पहले एक्सटेंशन फीस न ली जाए और जिन प्लॉट होल्डर से यह फीस ली गई है, उसे ब्याज सहित वापस की जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें