अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। अर्बन इस्टेट में सीवरेज का पानी पेयजल में मिक्स होने की जांच के लिए हुडा की टीम ने डोर टू डोर सर्वे किया। एक्सईएन की टीम ने पांच जगहों पर गड्ढे खोदकर जांच की। छह लोगों के घर के बाहर 30 साल पुराने कनेक्शन गली अवस्था में मिले। इन मकान मालिकों को नोटिस देकर नए कनेक्शन के लिए निर्देश दिए। शनिवार शाम को अर्बन इस्टेट में पानी आपूर्ति बहाल की गई।
अर्बन इस्टेट में गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर हुडा के एक्सईएन पवन शर्मा की टीम सुबह 8 बजे मौके पर पहुंची। एसडीओ सतीश कुमार, जेई धर्मबीर दहिया अपने कर्मचारियों के साथ विश्वास स्कूल के पास हुडा आवासीय कॉलोनी पहुंचे। यहां मकानों में आ रहे गंदे पानी को लेकर जांच शुरू की। मकान नंबर 748, मकान नंबर 1048, विश्वास स्कूल सहित चार एरिया में गड्ढे खोदकर पानी की निकासी की गई। पेयजल की लाइनों से पानी को निकालकर साफ किया गया। इसके बाद डोर टू डोर जाकर पानी को जांचा। मकान नंबर 1485 से 1496 के बीच कनेक्शन गली अवस्था में मिले। इनसे गंदा पानी मिक्स होकर मेन लाइन तक पहुंच रहा था। मकान मालिकों ने बताया कि उन्होंने 1978 के आसपास कनेक्शन लिए थे। इन सभी मकान मालिकों को नोटिस देकर नए कनेक्शन कराने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
समस्या की पहचान कर ली गई है, जिसमें कुछ गले हुए कनेेक्शन मिले। इन सभी कनेक्शन को नए कनेक्शन में बदलवाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार शाम को पानी आपूर्ति बहाल कर दी गई है। अगर किसी एरिया में गंदे पानी की समस्या हो तो अपना पर्सनल कनेक्शन जरूर जांच कराएं।
-पवन वर्मा, एक्सईएन, हुडा हिसार
सोमवार को लेंगे सैंपल
हुुडा के अधिकारियों की टीम ने शनिवार शाम को पेयजल आपूर्ति बहाल करने के बाद कुुछ घरों में जाकर पानी को जांचा। विभाग की टीम सोमवार को सैंपल भी लेगी। इन सैंपल को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। हुडा अधिकारियों ने कहा कि अर्बन इस्टेट में अधिकतर मकान 1977 से 80 के बीच बने थे। उस समय लोहे की पाइप आती थी। अधिकतर घरों में वही कनेक्शन लगे हुए हैं। ऐसे लोहे के पाइप की औसत आयु 25 साल मानी जाती है। इसके बाद यह गलने लगते हैं। पुराने कनेक्शन धारक अपने कनेक्शन को नए सिरे से कराएं।