अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। डीसी ने नागोरी गेट एरिया में लगाए गए डायवर्जन को खत्म करने को ट्रायल बताया था, जिसमें एक कमेटी का गठन भी किया था। कमेटी को एक सप्ताह में रिपोर्ट देनी थी। ट्रैफिक व्यवस्था सुधार के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट भी बुलाए जाने थे। एक महीने में न तो कमेटी मौके पर पहुंची, न ही कोई एक्सपर्ट आया।
नागोरी गेट के डायवर्जन को जिला प्रशासन ने पांच जुलाई को खत्म किया था। डीसी अशोक कुमार मीणा ने इसे ट्रैफिक सुधार बताते हुए इस बारे में एडीसी एएस मान की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने का एलान किया था। शनिवार को पूरा एक महीना हो गया। अब तक एडीसी की अध्यक्षता वाली कमेटी ने मौके का मुआयना नहीं किया। एडीसी ने खुुद अकेले स्तर पर जरूरी निरीक्षण किया था। डीसी ने यह भी कहा था कि ट्रैफिक सुधार के लिए कुरुक्षेत्र और मुरथल यूनिवर्सिटी से रोड इंजीनियरिंग के एक्सपर्ट को बुलाया जाएगा। जो इस एरिया में लगने वाले जाम को खत्म करने के बारे में अपने कमेंट देंगे। आज तक टेक्निकल एक्सपर्ट भी नहीं आए।
ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के नाम पर अस्थायी बेरिकेड्स रखवाए गए हैं। नागोरी गेट से गुरुद्वारा मोड़ तक यह बेरिकेड्स रखे गए हैं। दरअसल नागोरी पर टर्न के समय अधिक दिक्कत नहीं है। सबसे बड़ी संख्या गुरुद्वारे के सामने की है। जहां दोनों ओर से ट्रैफिक होने से आपस में टकराव की संभावना अधिक रहती है।
पीक ऑवर में जाम
सोमवार से लेकर शुक्रवार तक यहां जाम की स्थिति बनती है, जिसमें पीक ऑवर में सबसे अधिक जाम होता है। सुबह 9 से 12 बजे तथा दोपहर 2 से 3 बजे, शाम 6 से 8 बजे तक सबसे अधिक जाम होता है। रिपोर्ट के अनुसार नागोरी गेट से वर्किंग-डे में रोजाना 60 से 80 हजार वाहन गुजरते हैं। अवकाश के दिन यह संख्या 30 से 35 हजार होती है। राजगढ़ रोड का बाईपास बनने के बाद इस रोड पर करीब 15 हजार वाहनों की संख्या कम हुई है।