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नागरिक अस्पताल की गैलरी में भी लगवाए अतिरिक्त बैड

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण प्रकरण में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद उपजे माहौल के मद्देनजर सिविल अस्पताल का स्टाफ शुक्रवार को अलर्ट रहा। सीएमओ और पीएमओ ने स्थिति का जायजा लिया।
स्वास्थ्य विभाग प्रशासन ने फैसले की तारीख को देखते हुए अस्पताल में पहले से 100 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कर रखी थी। इमरजेंसी में बैंडेज, दवा और अन्य जरूरी सामान का बंदोबस्त पहले से किया था। प्रबंधन ने वार्ड के अलावा इमरजेंसी के पास गैलरी में भी बेड लगवा रखे थे। इसके अलावा डायलिसिस रूम और वार्ड पांच में बेड लगाए गए थे। सीएमओ डॉ. जेएस ग्रेवाल और पीएमओ डॉ. दयानंद ने अस्पताल के हर वार्ड का जायजा लिया। प्रबंधन ने स्टाफ को पहले से अलर्ट कर रखा था।
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फैसला आने पर अन्य शहरों से तोड़-फोड़ और आगजनी की खबरें टीवी पर आने लगी तो अस्पताल प्रबंधन ने तैनात स्टाफ को इमरजेंसी के पास इकट्ठा किया। इनमें स्टाफ नर्स, वार्ड सर्वेंट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। डॉ. आशीष राणा ने स्टाफ को संबोधित किया कि यदि इस प्रकरण से जुड़ा कोई घायल यहां आता है तो वे डेरामुखी को लेकर कोई कमेंट न करें। हमारा काम इलाज करना है और इलाज करें। डॉ. राणा ने स्टाफ से यह भी कहा कि ऐसे माहौल में अफवाहें फैलती हैं। वे सचेत रहें।
गोली चलने की अफवाह पर इकट्ठा हुआ स्टाफ
मिलगेट एरिया में साढे़ चार बजे गोली चलने की अफवाह फैल गई। इससे अस्पताल के गेट पर स्टाफ और सिक्योरिटी गार्ड इकट्ठा हो गए। वहां स्ट्रेचर की व्यवस्था की जाने लगी। खुद सीएमओ और पीएमओ गेट पर पहुंचे, लेकिन स्टाफ को बाद में पता चला कि यह अफवाह थी। देर रात तक स्टाफ अलर्ट था।
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कैंटीन के टीवी पर न्यूज देखते रहे लोग
सिविल अस्पताल परिसर में कैंटीन में लगे टीवी पर लोग न्यूज देखते रहे। दोनों कैंटीन में लोग भारी संख्या में जमा थे। बीच-बीच में कर्मचारी भी बाहर आकर न्यूज देखते और फिर अस्पताल में चले जाते। बारिश के बीच टपकती टीन के नीचे लोग टीवी के आगे डटे रहे।
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