अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद हिसार सेंट्रल जेल वन में भेजने की प्लानिंग की गई थी। डीजी जेल ने सेंट्रल जेल प्रशासन से भी राम रहीम को रखने के लिए तैयारियों के संबंध में सूचना भेज दी थी। डीजी जेल की सूचना के बाद सेंट्रल जेल वन में प्रशासन ने स्पेशल सेल तैयार करवा ली थी। सेल की सफाई इत्यादि कर इसे रिजर्व रखा गया था।
जेल के सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से हिसार सेंट्रल जेल को सुरक्षित नहीं माना। इसके बाद अचानक प्लान बदला गया और सुनारिया जेल भेजा गया। रिहायशी इलाके में जेल होने के चलते यहां जेल के अंदर का हिस्सा छतों से साफ दिखाई देता है। इसके अलावा मुख्य कारण यहां सिरसा और फतेहाबाद के बाद सबसे ज्यादा डेरा प्रेमियों की संख्या होना भी बताया जा रहा है।
रामपाल जिला प्रशासन के लिए बना है बड़ी समस्या
राम रहीम को रखे जाने की प्लानिंग बदलने के पीछे सतलोक आश्रम के मुखी रामपाल भी कारण रहा है। रामपाल और उसके अनुयायी पहले ही हिसार जेल में बंद हैं। रामपाल के अनुयायी पेशी के दौरान पहले ही जिला प्रशासन की नींद उड़ा रहे हैं, फिर राम रहीम भी जिला प्रशासन के लिए बड़ी समस्या बन जाता। इसी सब चीजों को ध्यान में रखते हुए डीजी जेल ने अचानक पूरी प्लानिंग बदल दी।
पूरे स्टाफ की छुट्टियां रद्द
जेल प्रबंधन ने सभी स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। राम रहीम को रोहतक जेल में भेजे जाने के बाद भी यहां राम रहीम के अनुयायी आ सकते हैं, इसको लेकर जेल प्रबंधन से डीजी जेल ने खुद बात की थी। उन्होंने जेल प्रशासन को कहा है कि पंचकूला और सिरसा में अधिक बंदी हो सकते हैं। हालात को देखते हुए उन्हें हिसार और आसपास की जेलों में शिफ्ट किया जा सकता है।
डीजी जेल का मैसेज आया है। वहां गिरफ्तार किए बंदी स्थानीय जेल में भेजे जा सकते हैं। दो ब्लॉकों से बंदियों को शिफ्ट करवाया गया है। उन्हें खाली करवा साफ-सफाई करवा दी गई है।
-सोमनाथ जगत, जेल अधीक्षक सेंट्रल जेल टू