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मेडिकल कॉलेज में 29 वर्षीय युवक सहित ब्लैक फंगस के आठ नए मामले पहुंचे

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हिसार। जिले के कोविड-19 घोषित अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में 29 वर्षीय युवक सहित ब्लैक फंगस संक्रमण के आठ नए मामले पहुंचे हैं। इनमें से 4 मरीज सोमवार देर रात को आए थे और चार मरीज मंगलवार दोपहर आए हैं। इनको मिलाकर मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस संक्रमण के कुल 25 मामले हो चुके हैं। इसके अलावा भी दो संदिग्ध मरीज आए थे, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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मंगलवार को परिजनों की मांग पर एक ब्लैक फंगस संक्रमण के मरीज को चिकित्सकों ने रेफर कर दिया है। मरीज के तीमारदार उसे इलाज के लिए जयपुर अस्पताल लेकर गए हैं। उन्होंने वहीं पर इलाज कराने के लिए सहमति जताई थी। फिलहाल मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में कुल 24 मरीज दाखिल है, जिनमें 10 मरीज रिकवरी होने की स्थिति में हैं।
आज चार मरीजों का होगा ऑपरेशन
मंगलवार को ऑपरेशन के लिए चुने गए दोनों मरीजों के संक्रमण के कारण फेफड़े खराब हो चुके थे, जिस कारण दोनों का ऑपरेशन नहीं हो सका। एनेस्थीसिया चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर पता लगाया है। अभी इसके बदले अस्पताल में दाखिल अन्य चार मरीजों को ऑपरेशन के लिए चुना गया है, जिनका ऑपरेशन बुधवार को किया जाएगा। अभी इन चारों मरीजों की फिजिकल फिटनेस लेना बाकी है, जो एनेस्थीसिया चिकित्सक लेंगे। इसके बाद ही ऑपरेशन हो सकेगा। वैसे अभी तक 3 मरीजों का ऑपरेशन के जरिये नाक से फंगस का संक्रमण निकाला जा चुका है, उनकी हालत में काफी सुधार है। इसलिए चिकित्सकों द्वारा ज्यादा से ज्यादा मरीजों का ऑपरेशन कर फंगस का संक्रमण निकाला जा रहा है, क्योंकि ऑपरेशन ही इसका एकमात्र उपाय है।
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लक्षण मिलने पर डॉक्टर के पास पहुंचें
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कुमार के मुताबिक मंगलवार को आने वाले मरीजों में ज्यादातर 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग शामिल हैं। इसके अलावा 29 वर्षीय युवक भी पहुंचा है, जिसमें फंगल संक्रमण पाया गया है। फिलहाल युवक में संक्रमण अभी ज्यादा नहीं फैला है और नाक में ही है। सोमवार को पहुंचे दोनों मरीजों में से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। एक की निगेटिव आने पर उसे घर भेज दिया गया है। वहीं एक मरीज की मौत भी हुई है, लेकिन उसकी ब्लैक फंगस संक्रमण की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसलिए उसकी मौत को कोरोना से ही माना जाएगा। नेत्र रोग विभाग के एचओडी डॉ. प्रवीण कुमार का कहना है कि फिलहाल हमारे पास दाखिल सभी मरीजों की हालत ठीक है। कोविड का इलाज चल रहे मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण अधिक आ रहे हैं। इसलिए मरीज अधिक ध्यान रखें और लक्षण मिलने पर चिकित्सक के पास पहुंचे। वरना देरी होने पर संक्रमण काफी तेजी से आंखों की तरह फैलता है।
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