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व्हाट्सएप पर मंगवाया प्रश्न पत्र, ब्लैक बोर्ड पर लिखकर ली परीक्षा

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जिले में पिछले छह दिनों में तीसरी बार स्कूलों में प्रश्न पत्र नहीं पहुंचे। प्रश्न पत्र न पहुंचने पर बच्चों को ब्लैक बोर्ड से नोटकर परीक्षा देनी पड़ी। इससे पहले 25 सितंबर को आठवीं और 28 सितंबर को छठी कक्षा के संस्कृत विषय के प्रश्न पत्र स्कूलों में नहीं पहुंचे थे। इस बारे में शिक्षकों ने अधिकारियों को अवगत करा दिया है। उधर शिक्षक यूनियन ने इस मामले की जांच कराने की मांग की है। बता दें कि सरकारी स्कूलों में अर्ध वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र पहुंचाने की जिम्मेेदारी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन की है। बोर्ड ने किसी निजी फर्म को इसका ठेका दिया हुआ है। सोमवार सुबह हिसार द्वितीय ब्लॉक से शिक्षक जब बीईओ कार्यालय में प्रश्न पत्र लेने पहुंचे तो वहां जाकर पता चला कि सातवीं कक्षा के संस्कृत विषय के प्रश्न पत्र नहीं पहुंचे है। यह सुनकर शिक्षक हैरान रह गए। इसके बाद दूसरे ब्लॉक से व्हाट्सएप पर प्रश्न पत्र मंगवाया गया। फिर उसे सभी स्कूल मुखियाओं के व्हाट्सएप पर भेजा गया। स्कूलों में शिक्षकों ने व्हाट्सएप से मिले प्रश्न पत्र के सभी प्रश्नों को ब्लैक बोर्ड पर लिखा। तब जाकर बच्चों की परीक्षा ली जा सकी।
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आठवीं और छठी कक्षा का भी नहीं पहुंचा था प्रश्न पत्र
इन परीक्षाओं में पूरे ब्लॉक के स्कूलों के प्रश्न पत्र न मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 25 सितंबर को आठवीं कक्षा और 28 सितंबर को छठी कक्षा की संस्कृत विषय की परीक्षा थी। इन दोनों दिन भी हिसार द्वितीय ब्लॉक के एक भी स्कूल का प्रश्न पत्र नहीं पहुंचा था।
निजी फर्म पर घोटाला करने का लगाया आरोप
शिक्षक यूनियन के मुताबिक हिसार द्वितीय ब्लॉक में छठी से आठवीं कक्षा के कुल 4389 विद्यार्थी है। इतने बच्चों के प्रश्न पत्र न मिलने एक घोटाला का संकेत है। यह स्थिति सिर्फ हिसार द्वितीय ब्लॉक में ही नहीं है, बल्कि अन्य ब्लॉक में भी किसी न किसी विषय के प्रश्न पत्र नहीं पहुंचे है। इसके अलावा अगर प्रश्न पहुंचे भी है तो वह निर्धारित संख्या से कम है। हालांकि ऐसा नहीं होना चाहिए। क्योंकि विभाग की तरफ से पहले ही बच्चों की संख्या का आंकड़ा फर्म को उपलब्ध करा दिया गया था। ऐसे में गड़बड़ी की कोई संभावना रहनी ही नहीं चाहिए।
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मैंने इस बारे में सभी बीईओ को कहा है कि वह इस बारे में शिक्षा बोर्ड को मेल भेजकर सूचित करें कि उनके कितने पेपर कम आए हैं। हमने बोर्ड को बच्चों की संख्या का डाटा उपलब्ध करा दिया था।
देवेंद्र कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, हिसार।
पूरे ब्लॉक के स्कूलों के प्रश्न पत्र न पहुंचना एक गंभीर विषय है। विभाग और शिक्षा बोर्ड दोनों को इस बारे में जांच करनी चाहिए। प्रश्न पत्र न पहुंचने से शिक्षकों व विद्यार्थी दोनों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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राज सिंह मलिक, जिला प्रधान, हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन।
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