74 घंटे बाद वीरवार शाम रोडवेज बस सेवा दोबारा शुरू होने से करीब 18 हजार यात्रियों ने राहत की सांस ली। सरकार द्वारा रोडवेज यूनियनों की मांगे स्वीकार करने के बाद वीरवार शाम 5 बजकर 40 मिनट पर पहली बस भूना-आदमपुर रूट पर रवाना की गई। इसके बाद अन्य लोकल और लंबे रूटों पर बस सेवा शुरू कर दी गई। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार से सभी रूटों पर बसें पहले की तरह ही रवाना की जाएगी। रोडवेज यूनियनों ने निजी रूट परमिट देने के खिलाफ 10 अप्रैल शाम 4 बजे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। जिसके चलते रोडवेज बस सेवा 10 से 13 अप्रैल की शाम तक बस सेवा पूरी तरह बंद रही। इस दौरान यात्रियों को सफर करने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रोडवेज बसें न चलने से यात्रियों को निजी बसों व ट्रेनों का सहारा लेना पड़ा।
निलंबित कर्मियों को लिया वापस
रोडवेज अधिकारियों ने मुख्यालय की ओर से सूचना मिलने पर निलंबित किये गए पांच कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर ले लिया है। ड्यूटी छोड़ हड़ताल मेें शामिल होने के कारण रोडवेज जीएम ने बुधवार को पांच रोडवेज कर्मियों को निलंबित कर दिया था।
रोडवेज को 45 लाख का नुकसान
रोडवेज को 10 अप्रैल शाम 4 बजे से 13 अप्रैल शाम तक बसें न चलने से 73 घंटे के दौरान करीब 45 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। रोडवेज की 162 बसें न चलने से प्रतिदिन 15 लाख का नुकसान रोडवेज को हड़ताल के दौरान उठाना पड़ा।
रेलवे को 6 लाख 25 हजार की राशि का फायदा
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का रेलवे को सीधा फायदा पहुंचा। रोडवेज यात्रियों ने बसों के विकल्प के रूप में ट्रेनों में सफर किया। जिससे 11 और 12 अप्रैल को करीब 6 लाख 25 हजार का राजस्व रेलवे को प्राप्त हुआ। 11 अप्रैल को जहां रेलवे स्टेशन पर करीब 5 हजार अतिरिक्त यात्री पहुंचे। वहीं, मंगलवार को भी साढे़ तीन हजार के करीब यात्रियों ने भी विभिन्न रूटों पर सफर के लिए ट्रेनों का सहारा लिया। सामान्य दिनों में रेलवे पर प्रतिदिन 12 हजार के करीब यात्री आते हैं। जिससे रेलवे को करीब 8 लाख का राजस्व प्रतिदिन प्राप्त होता है।
रोडवेज सेवा शुरू कर दी गई है। निलंबित किए गए कर्मचारियों को भी वापस ड्यूटी पे ले लिया जाएगा। शुक्रवार को सभी रूटों पर पहले की तरह बसें रवाना की जाएंगी।
-खूबीराम कौशल, जीएम, रोडवेज, हिसार।