शहर से बाहर पशु डेयरियां शिफ्ट करने को लेकर नगर निगम में सवा दो करोड़ रुपये की ग्रांट आई है। सरकार ने ग्रांट को लेकर अप्रूवल दे दी है। मगर अभी तक डेयरी शिफ्टिंग को लेकर जगह फाइनल ही नहीं हो पाई है। नगर निगम अधिकारियों में इसको लेकर मंथन शुरू हो गया है। हालांकि ग्रांट तभी काम आएगी जब जमीन मिल गई हो। जब तक जमीन निगम को नहीं मिलती यह ग्रांट वेस्ट ही रहेगी। हो सकता है एक निर्धारित समय के बाद यह वापस भी चली जाए।
50 एकड़ जमीन चिह्नित की है निगम ने बगला रोड पर
नगर निगम ने डेयरी शिफ्टिंग के लिए 50 एकड़ जमीन चिह्नित की थी। हालांकि यहां ये जमीन काफी लंबे समय ये चिह्नित है। नगर निगम ने इसको लेकर फाइल भी चलाई है। जीएलएफ से नगर निगम लीज पर जमीन लेना चाहता है। मगर जीएलएफ ने यह जमीन कलेक्टर रेट पर देने के लिए कहा है। मामला हायर अथॉरिटी के पास पेडिंग है।
सीएम ने की थी घोषणा, शहर के चार जोन में बनाई जानी थी डेयरियां
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने डेयरी शिफ्टिंग को लेकर घोषणा की थी। उन्होंने शहर के चार जोन में पशु डेयरियां बनाने के लिए जमीन तलाशने की बात कही थी। नगर निगम ने शहर के चारों जोन में जगह तलाशी भी मगर आसपास के गांवों की पंचायतों ने जमीन देने से इनकार कर दिया। बालसमंद रोड पर नजर के साथ लगती एचएयू की जमीन भी देखी गई थी वो जमीन भी निगम को नहीं मिल पाई। इसके बाद आखिर में निगम ने पहले चिह्नित की गई जमीन को लेकर दोबारा फाइनल कर फाइल भेजी।
डेयरी शिफ्टिंग को लेकर दो करोड़ की ग्रांट की अप्रूवल आई है। फिलहाल जमीन का मामला पेडिंग है। इसके बाद ही ग्रांट का यूज हो पाएगा।
-अशोक बंसल, कमिश्नर नगर निगम।