हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनदीप की अदालत ने करीब 16 साल पहले अधिवक्ता रणबीर सिंह सैनी पर तेजधार हथियार से हमला करने के मामले में दोषी पवन को 7 साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने पवन को 13 मार्च को दोषी करार दिया था। मामला सितंबर 2009 का है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार आजाद नगर की साकेत कॉलोनी के निवासी रामनिवास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि गंगवा रोड पर प्रताप नगर निवासी अधिवक्ता रणबीर सिंह उसके मामा का लड़का है। 2 सितंबर 2009 को सुबह करीब 7 बजे वह और रणबीर लघु सचिवालय की कॉलोनी की तरफ जा रहे थे। कमिश्नर की कोठी के पास पहुंचे तो कार और दो बाइक पर आए कुछ लोगों ने रणबीर पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। पुलिस ने अजीत सहरावत, सतबीर पूनिया और पवन के खिलाफ केस दर्ज किया। इस केस में सरकारी वकील विजेंद्र कुमार ने बताया कि अदालत ने पवन को भगोड़ा घोषित किया था। पुलिस ने उसे14 सितंबर 2022 को गिरफ्तार किया था। वहीं, इस मामले में एडीजे अजय पाराशर की अदालत से वर्ष 2016 में दो दोषियों अजीत सहरावत और सतबीर पूनिया को सजा हो चुकी है।
रिंकू मर्डर केस में डीएसपी अभिमन्यु ने दी गवाही
हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निशांत शर्मा की अदालत में सोमवार को रिंकू हत्या मामले में डीएसपी अभिमन्यु और सिपाही सुरजीत की गवाही हुई। मामले में अगली सुनवाई 21 मार्च को होगी। सिरसा रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अप्रैल 2020 में हरियाणा पुलिस के सिपाही विक्रम की पत्नी रिंकू की हत्या कर दी गई थी। शहर थाना पुलिस ने मृतका के भाई के बयान पर विक्रम पर हत्या का केस दर्ज किया था। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों के बोर्ड और एफएसएल रिपोर्ट में गोली लगने से मौत होना बताया गया था, जबकि पुलिस का तर्क था कि सोटे से वार किया गया है। मामला बढ़ा तो पता लगा कि हत्या सोटे से नहीं गोली मार कर की गई थी। एडवोकेट हरदीप ने बताया कि इस मामले में डीएसपी कप्तान सिंह, नई अनाज मंडी चौकी के तत्कालीन इंचार्ज एएसआई रविंद्र यादव, जींद के कोत इंचार्ज ईएसआई सतीश कुमार, डीएसपी के गनमैन सिपाही कुलदीप पर आरोप तय किए गए थे।