अस्पताल में घायल बच्ची और उसके परिजन।
हांसी। शहर और आसपास के क्षेत्रों में कुत्तों और बंदरों का आंतक बढ़ता जा रहा है। सोमवार को गांव मिलकपुर में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी हरेंद्र के सात वर्षीय बेटे अंकुश पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। बच्चे को चार जगहों से काटा गया। उसे साथ खेल रहे अन्य बच्चों ने मुश्किल से छुड़ाया। घायल बच्चे को हांसी के नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया गया। रविवार को जींद चुंगी के पास एक महिला और मॉडल टाउन में एक युवक पर भी आवारा कुत्तों ने हमला किया था।
नगर परिषद ने शहर में आवारा कुत्तों के बधियाकरण का अभियान करीब एक महीने पहले शुरू किया। इसके लिए जींद की एक विशेषज्ञ एजेंसी को नियुक्त किया गया है। टीम शहर के विभिन्न वार्डों में घूमकर कुत्तों को पकड़ती है। पकड़े गए कुत्तों को ढाणा राजू रोड स्थित स्लाटर हाउस में ले जाकर बधियाकरण किया जाता है। पशु चिकित्सकों की देखरेख में प्रक्रिया पूरी कर कुत्तों को कुछ दिनों तक निगरानी में रखा जाता है और फिर उन्हें वापस उसी स्थान पर छोड़ा जाता है। केंद्र में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और पूरी प्रक्रिया का वीडियोग्राफी रिकॉर्ड रखा जा रहा है। आमजन किसी भी शिकायत या अपने क्षेत्र में कुत्तों के झुंड की जानकारी नगर परिषद कार्यालय में दे सकते हैं।
वैक्सीन लगवाने के लिए रोज 30 लोग पहुंच रहे :
क्षेत्र में हर माह डॉग और मंकी बाइट 300 से अधिक केस आते हैं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 25 से 30 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के लिए पहुंचते हैं।
बंदर पकड़ने के लिए लगेगा टेंडर
नगर परिषद की तरफ से बंदरों को पकड़ने का टेंडर जारी किया जाएगा। इसके लिए योजना बना ली गई है। एफएंडसीसी (वित्त एंव संविदा कमेटी) की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद टेंडर लगाया जाएगा। करीब डेढ़ वर्ष पहले नगर परिषद की तरफ से बंदर पकड़वाए गए थे। लेकिन अब फिर से बंदरों की संख्या बढ़ गई है। जिससे खासकर दोपहर के समय छतों पर धूप सेंकने के लिए जाने से भी लोग डर रहे हैं।
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नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 30 के करीब मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने आते हैं। अस्पताल में एंटी रेबीज दवा उपलब्ध है।- डॉ राजीव डाबला, एसएमओ, नागरिक अस्पताल।