हिसार। दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए) टाइप-1 से जूझ रहे युवांश की जिंदगी बचाने के लिए लोगों की मदद से सात कराेड़ रुपये एकत्र हो गए हैं। हरियाणा पुलिस के सिपाही राजेश जांगड़ा ने बताया कि बेटे के इलाज के लिए अभी भी उन्हें दो करोड़ रुपये की जरूरत है।
पुलिस विभाग के साइबर सेल फतेहाबाद में तैनात हिसार के गांव जाखोद खेड़ा निवासी कांस्टेबल राजेश का बेटा युवांश खतरनाक बीमारी से पीड़ि़त है। इस बीमारी से बचने के लिए 14.50 करोड़ रुपये के इंजेक्शन की जरूरत है। यह इंजेक्शन भी स्विट्जरलैंड में जेनेवा से मिलेगा। राजेश ने बताया कि इंजेक्शन निर्माता कंपनी को पूरी स्थिति से अवगत कराया था। कंपनी यह इंजेक्शन करीब नौ करोड़ रुपये में देने पर सहमत हो गई है।
वर्ष 2024 में हुआ था बच्चे का जन्म
राजेश जांगड़ा ने बताया कि उनकी शादी 23 अप्रैल 2023 को हिसार जिले के ही बरवाला क्षेत्र के गांव संदलाना की किरण के साथ हुई थी। 9 अक्तूबर 2024 को बेटे का जन्म हुआ। दो माह का युवांश सामान्य बच्चों की तरह सक्रिय नहीं था। उन्होंने हिसार में हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाया। मई माह में डॉक्टर ने एसएमए टेस्ट करवाया। 18 मई को आई टेस्ट की रिपोर्ट में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 बीमारी मिली। 22 मई को वह पीजीआई में डॉ. रेणु सुथार से मिला। डॉक्टर ने कहा कि युवांश को दो साल तक ये इंजेक्शन लगवाना जरूरी होता है। इस इंजेक्शन की कीमत करीब 14.50 करोड़ रुपये है।
मंत्रियों में सबसे ज्यादा विज ने 20 लाख रुपये दिए
युवांश की मदद के लिए परिवहन मंत्री अनिल विज ने 20 लाख रुपये ,शहरी निकास मंत्री विपुल गोयल ने 9 लाख, सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा ने 5 लाख, पर्यटन मंत्री राव नरबीर सिंह ने 5 लाख रुपये, पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने 5 लाख, पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा और खेल मंत्री गौरव गौतम ने 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है। राज्यपाल कार्यालय की ओर से 5 लाख ,हिसार की विधायक सावित्री जिंदल ने 5 लाख रुपये की मदद की है। प्रदेश के 18 जिलों के पुलिसकर्मियों ने भी स्वेच्छा से एक-एक दिन का वेतन युवांश की मदद के लिए दिया है। करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर से इस महीने सहयोग मिलने की उम्मीद है।
बबलू के लिए 1 करोड़ जुटाए...ईरान में होगा उपचार
जिले के डाटा गांव निवासी 15 वर्षीय बबलू की किडनी खराब हो गई है। बबलू को दूसरी बार किडनी ट्रांसप्लांट के लिए करीब एक करोड़ रुपये का खर्च आएगा। लोगों की मदद से एक करोड़ रुपये एकत्र हो गए हैं। बबलू फिलहाल गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती है। बबलू को पहले उपचार के लिए नेपाल ले जाया जाना था। वहां हिंसक आंदोलन के बाद परिवारजन अब उसे ईरान लेकर जाने की योजना बना रहे हैं। बबलू और उसकी बहन मुकेश कुमारी दोनों किडनी फेल्योर से पीड़ित थे, तब माता-पिता ने अपनी-अपनी एक किडनी दान की थी। पिता ने बबलू को और मां ने मुकेश को किडनी दी। मुकेश की मृत्यु हो गई। बबलू कुछ साल ठीक रहा, लेकिन अब उसकी स्थिति फिर बिगड़ गई है।