घिराय। पक्की डिग्गी बीड़ बबरान के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में 65 बच्चे स्कूल भवन के अभाव में पेड़ों की छांव और खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। भवन जर्जर होने के कारण उन्हें सुरक्षित कमरों में बैठकर पढ़ाई करने की सुविधा नहीं मिल रही है। पुराने भवन की नीलामी प्रक्रिया पूरी होने और नए भवन के निर्माण का अनुमान तैयार होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है।
इस समस्या को लेकर सोमवार को गांव की सरपंच पूनम नैन ने समाधान शिविर में जिला उपायुक्त महेंद्र पाल से मुलाकात कर निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्कूल का नया भवन दो मंजिला बनाया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थियों को पर्याप्त कमरे और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें। इसके लिए संबंधित विभाग, प्रदेश सरकार और शिक्षा मंत्री से बजट बढ़ाने की मांग की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने का आग्रह किया।
1.05 करोड़ रुपये का अनुमान तैयार
विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, स्कूल में सात कमरे, मध्याह्न भोजन की रसोई, लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय, दिव्यांग बच्चों के अनुकूल शौचालय और चारदीवारी बनाने के लिए 105.76 लाख रुपये का अनुमान तैयार किया गया है। इस संबंध में 21 अप्रैल को प्रस्ताव जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, हिसार को भेजा गया था। विद्यालय की मुख्य शिक्षिका सुमन यादव ने बताया कि भवन जर्जर होने के कारण बच्चों को खुले स्थान पर पढ़ाना पड़ता है। धूप और बारिश के दौरान उनकी परेशानी बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने भी जल्द निर्माण शुरू करवाने और तब तक बच्चों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।