हिसार। मेला ग्राउंड सेक्टर निवासी प्रॉपर्टी डीलर दलबीर सिवाच की बेटी निधि ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में प्रदेश स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। निधि की तीन बड़ी बहनें और एक छोटा भाई है। कैप्टन आरसी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा निधि ने 500 में से 496 अंक हासिल किए हैं। निधि आगे पढ़ाई जारी रखते हुए आईएएस अफसर बनना चाहती है। उसकी दो बड़ी बहनें फिजिक्स से एमएससी कर रही हैं, जबकि एक बहन एफसी कॉलेज से एमकॉम कर रही हैं। छोटा भाई गौरव आठवीं कक्षा में पढ़ता है। मां सुशीला देवी गृहिणी हैं।
भीड़ में सब चलते हैं, अलग पहचान बनानी जरूरी
निधि कहती हैं कि उसके पिता ने हमेशा उसको यही सिखाया है कि भीड़ में सब चलते हैं। उनके साथ ही चलने में फायदा नहीं है। अपनी पहचान अलग बनानी चाहिए ताकि दुनिया याद रखें। उसने इसी प्रेरणा को ध्यान में रखते हुए कड़ी मेहनत की और अब इस परीक्षा परिणाम से बेहद उत्साहित है।
मां कहती थी बेटी डीसी ही बनना
निधि का कहना है कि उसकी मां अक्सर कहती है कि बेटी डीसी बनना। इसलिए उसने आईएएस अफसर बनने का लक्ष्य रखा है। माता-पिता ने उसे बताया है कि एक डीसी कम से कम अपने जिले में तो कोई भी गलत काम होने से रोक सकता है। इसलिए गलत कामों को रोकने के लिए उसने डीसी बनने की ठानी है।
परीक्षा के दिनों में पूरी रात पढ़ी, सोशल मीडिया से रही दूर
निधि ने बताया कि वह परीक्षा के दिनों में पूरी रात पढ़ाई करती थी। कई बार तो पढ़ते-पढ़ते सुबह हो जाती थी। बाकी शुरुआत से ही सिलेबस के प्रति सचेत रही और नियमित रूप से पढ़ाई करती रही। साथ ही सोशल मीडिया से भी दूरी बनाए रखी। निधि ने बताया कि वह एक दिन भी ट्यूशन नहीं गई। उसके पापा ने कहा भी था लेकिन उसे खुद ही मेहनत करनी थी। जब भी जरूरत पड़ती तो उसकी बड़ी बहनें उसकी मदद करती।
जब भी तनाव हुआ मम्मी-पापा ने बढ़ाया हौसला
निधि ने बताया कि कई बार ऐसा भी हुआ कि उसे तनाव महसूस होने लगा। ऐसा जब भी हुआ तो वह अपने मम्मी-पापा के पास बैठकर उनसे बातें करने लगती। मम्मी-पापा हौसला बढ़ाते। उनसे बातें करके उसका माइंड फ्रेश हो जाता और वह फिर से दोबारा तैयारी में जुट जाती।