अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। इस बार सौ प्रतिशत ब्याज की छूट से नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स की कमाई का रिकॉर्ड टूट गया है। निगम प्रशासन ने इस वित्त वर्ष में प्रॉपर्टी टैक्स से 21 करोड़ 25 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया है जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा महज 12 करोड़ 38 लाख रुपये तक ही पहुंच पाया था।
विशेष बात यह भी है कि इस बार 43 हजार 759 शहरवासियों ने प्रॉपर्टी टैक्स बिल का भुगतान किया है। इससे पहले यह आंकड़ा 30 से 35 हजार के बीच ही सिमटा रहा। हालांकि इस वर्ष के लिए निगम प्रशासन ने हाउस की बैठक में 22 करोड़ रुपये की आमदनी का लक्ष्य रखा था। मगर यह लक्ष्य पूरा होने में मात्र 75 लाख रुपये की कमी रह गई। अब नए वित्त वर्ष 2019-20 में 24 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में रिकवरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है।
नगर निगम कार्यालय में देर रात 10 बजे तक भी प्रॉपर्टी टैक्स जमा किया गया। आखिरी दिन तीन काउंटरों पर कैश जमा होता रहा। वहीं प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में पूरे दिन कमिश्नर अशोक गर्ग व डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर डॉ. पीके हुड्डा बैठकर कामकाज निपटवाते रहे।
रात सवा 11 बजे दिया सर्वे करने का आदेश
प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित फाइलों का सर्वे करने के लिए तकनीकी शाखा के अधिकारियों को रात सवा 11 बजे मौके पर जाकर निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। अधीक्षक अभियंता रामजीलाल की ओर से यह निर्देश तकनीकी शाखा के कनिष्ठ अभियंताओं और भवन निरीक्षकों को दिया गया। इसके बाद सुबह 8 बजे से ही शाखा के अधिकारियों ने सर्वे का काम शुरू कर दिया। सुबह 11 बजे तक सभी फाइलों की सर्वे रिपोर्ट अधीक्षक अभियंता को सौंप भी दी गई।
40 फाइलों का किया सर्वे
अधीक्षक अभियंता रामजीलाल के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित 40 फाइलें ऐसी थी, जिनको दुरुस्त करवाने के लिए जमा करवाया गया था। एरिया की जानकारी लेने के लिए इनका सर्वे किया जाना था। जेई और बिल्डिंग इंस्पेक्टरों से इनका सर्वे करवाने के बाद रिपोर्ट सहित फाइलों को प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में जमा करवा दिया गया। उसके बाद बिल बनाकर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाया गया है।
आखिरी दिन 645 लोगों ने जमा करवाए 1 करोड़ 12 लाख रुपये
नगर निगम के कैश काउंटरों पर आखिरी दिन 645 शहरवासियों ने 1 करोड़ 12 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में जमा करवाए हैं। वित्त वर्ष के आखिरी दिन भी शहरवासी अपने बिलों को ठीक करवाते रहे। पार्षद भी बिलों को लेकर कभी कर्मचारियों तो कभी अधिकारियों के पास चक्कर लगाते रहे।
बैंकों में भी होता रहा रात 12 बजे तक कामकाज
नगर निगम के अलावा बैंकों में भी रात 12 बजे तक कामकाज होता रहा। वित्त वर्ष के आखिरी दिन रविवार होने के बावजूद बैंक खुले रहे। मगर पब्लिक डीलिंग का काम नहीं हुआ। सिर्फ सरकारी विभागों के काम से संबंधित वाउचर्स जमा किए गए। उसके बाद पेमेंट रिलीज की गई। पंजाब नेशनल बैंक व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से लेकर अन्य बैंकों के कर्मचारी भी रविवार को बैंक पहुंचे ताकि निर्धारित समयावधि तक काम को पूरा किया जा सके।
इनकम टैक्स की रिटर्न भरने में जुटे रहे सीए
इसके अलावा अधिकतर चार्टर्ड अकाउंटेंट अपने क्लाइंट्स की इनकम टैक्स रिटर्न भरने में जुटे रहे। हालांकि इनकम टैक्स रिटर्न भरने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रही। मगर फिर भी देर रात तक कामकाज चलता रहा। सीए शिवा भारद्वाज ने बताया कि अधिकतर लोगों ने तो पहले ही रिटर्न भरवा ली है। आखिरी दिन वेबसाइट पर भी अधिक दबाव नहीं रहा। इनकम टैक्स रिटर्न संबंधी वेबसाइट सुचारु रूप से चलती रही।
ट्रेजरी ऑफिस ने आखिरी दिन पास किए करीब 11 करोड़ रुपये के बिल
वहीं वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन जिला ट्रेजरी ऑफिस में भी देर तक कामकाज चलता रहा। आखिरी दिन ट्रेजरी ऑफिस ने करीब 11 करोड़ रुपये के बिल पास किए। ई-पेमेंट तथा ऑनलाइन व्यवस्था होने के कारण लेनदेन प्रक्रिया में राहत महसूस हुई। आदमपुर, हांसी, नारनौंद व बरवाला उपमंडल स्तर पर भी करोड़ों रुपये के बिल पास किए गए। असिस्टेंट ट्रेजरी ऑफिसर कृष्ण शर्मा ने बताया कि आखिरी दिन कई विभागों के बिल पास हुए हैं। हर साल वित्त वर्ष के अंतिम दिन काम बढ़ जाता है।
देर रात तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए हमारे कैश काउंटर खुले रहे हैं। पूरा दिन प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में भी कामकाज होता रहा। 21 करोड़ 25 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो चुका है। अब ब्याज माफी की छूट खत्म हो गई है।
- डॉ. पीके हुड्डा, डीएमसी, नगर निगम
शहर में कुल प्रॉपर्टी -- 1 लाख 36 हजार
खाली प्लॉट -- करीब 50 हजार
प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने वाले -- 43 हजार 759