अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। एन्हांसमेंट की रि-केलकुलेशन की मांग को लेकर सेक्टरवासी बुधवार को विधायक डॉ. कमल गुप्ता के आवास के बाहर धरना व आमरण अनशन नहीं कर पाए। सेक्टरवासियों द्वारा रात में लगवाया टेंट पुलिस ने सुबह उखड़वा दिया। विधायक आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन करने से भी पुलिस ने रोक दिया। इससे आक्रोशित सेक्टरवासियों ने विधायक के घर से कुछ दूरी पर खड़े होकर प्रदेश सरकार व विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान विधायक आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। नायब तहसीलदार एचके गुप्ता ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के रूप में तैनात रहे जबकि सुरक्षा व्यवस्था खुद डीएसपी जितेंद्र खटकड़ ने संभाली। हालांकि विधायक डॉ. कमल गुप्ता इस घटनाक्रम के दौरान घर पर नहीं थे।
विधायक आवास पर तीन सदस्यीय कमेटी ने की बातचीत
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद हुडा एडमिनिस्ट्रेटर दिनेश यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी देर तक सेक्टरवासियों को समझाया कि उनकी कुछ मांगों की फाइल मुख्यमंत्री के पास है जबकि कुछ मांगों पर सहमति बन भी चुकी है। फिर भी सेक्टरवासियों ने रि-केलकुलेशन की तारीख तय करने की मांग करने तक प्रदर्शन बंद नहीं करने की चेतावनी दी। आखिरकार सेक्टरवासियों की तीन सदस्यीय कमेटी की एडमिनिस्ट्रेटर दिनेश यादव ने चंडीगढ़ में चीफ एडमिनिस्ट्रेटर से फोन पर बात करवाई। तब जाकर करीब तीन घंटे बाद सेक्टरवासियों का प्रदर्शन खत्म हुआ।
आज चंडीगढ़ जाएगी सात सदस्यीय कमेटी
फोन पर बात के बाद इसी विषय पर अधिक बातचीत के लिए हुडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर जे गणेशन ने अब सेक्टरवासियों की सात सदस्यीय कमेटी को चंडीगढ़ बुलाया है। एडमिनिस्ट्रेटर दिनेश यादव के साथ सेक्टरवासियों की सात सदस्यीय कमेटी चंडीगढ़ जाकर रि-केलकुलेशन के लिए तारीख निर्धारित करने की मांग करेगी। सेक्टरवासियों का कहना है कि अगर तारीख निर्धारित नहीं हुई तो आमरण अनशन और धरने का कार्यक्रम आगे जारी रहेगा।
ऐसे चला घटनाक्रम
दरअसल, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सेक्टरवासियों को करीब 10 बजे विधायक आवास पर पहुंचना था। मगर सुबह सवा 8 बजे ही पुलिस ने सेक्टरवासियों द्वारा लगाए गए टेंट को उखड़वा दिया। इसके अलावा टेंट मालिकों को दोबारा टेंट नहीं लगाने के आदेश दे दिए गए। सूचना पाकर तय समय से पहले ही सेक्टरवासी विधायक आवास के बाहर पहुंचने लगे। तब तक विधायक आवास पुलिस छावनी के रूप में बदल चुका था। चारों तरफ पुलिसकर्मी खड़े नजर आए। सेक्टरवासियों को विधायक के आवास की तरफ ही नहीं जाने दिया गया।
पूर्व विधायक घोड़ेला की दुकान के आगे डाला डेरा
विधायक डॉ. गुप्ता के आवास के बाहर से वापस भेजने के बाद सेक्टरवासियों का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने इसी रोड पर स्थित बरवाला के पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला की दुकान के आगे डेरा डाल दिया। महिलाएं दुकान की सीढ़ियों पर बैठकर डॉ. गुप्ता के खिलाफ नारेबाजी करती रही। आखिरकार जब एडमिनिस्ट्रेटर से मिलने गई कमेटी ने बाहर आकर बातचीत का ब्यौरा दिया तब जाकर प्रदर्शन समाप्त हुआ और सेक्टरवासी घरों को लौटे।
पुलिस प्रशासन ने सेक्टरवासियों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया है। टेंट लगाने वालों को धमकाकर भगा दिया। अगर समय रहते हमारी मांग को मान लिया होता तो यह नौबत नहीं आती। हुडा एडमिनिस्ट्रेटर दिनेश यादव ने चीफ एडमिनिस्ट्रेटर से वीरवार को बातचीत के लिए बैठक तय की है। हमारी कमेटी चंडीगढ़ जाएगी। अगर रि-केलकुलेशन के लिए तारीख तय हो गई तो ठीक, नहीं तो दोबारा से धरना-प्रदर्शन व आमरण अनशन शुक्रवार को शुरू कर देंगे।
- जितेंद्र श्योराण, प्रधान, सेक्टर 16-17 एवं 13 पार्ट-2
दो दिन पहले ही मैंने सेक्टरवासियों की इस मुद्दे पर बातचीत के लिए बैठक तय करवा दी थी। मगर उन्होंने बात नहीं मानी। कुछ लोग एन्हांसमेंट के मामले पर राजनीति करना चाहते हैं। इसीलिए कभी प्रदर्शन तो कभी आमरण अनशन किया जा रहा है। मेरा कहना था कि प्रदर्शन की बजाय समस्या का हल करवाना ज्यादा जरूरी है।
- डॉ. कमल गुप्ता, विधायक