अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष को विश्वास में लिए बिना सीआर लॉ कॉलेज का प्रधान मनोनीत करना एनएससूआई के प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा को काफी महंगा पड़ा। जिले के एनएसयूआई पदाधिकारियों ने बुधवार को प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु बुद्घिराजा के हिसार आगमन पर काले झंडे दिखाते हुए विरोध जताया।
इसके साथ ही पदाधिकारियों ने यह भी जता दिया कि जिला स्तर पर प्रदेशाध्यक्ष की कोई मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंघरान ने बताया कि जिले के कॉलेजों में प्रधान घोषित करना जिला प्रधान के अधिकार क्षेत्र में आता है। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु ने बिना उनकी किसी जानकारी के सीआर लॉ कॉलेज दोबारा प्रधान घोषित कर दिया, जो उनकी ओच्छी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि जिला कार्यकारिणी की तरफ से सीआर लॉ कॉलेज प्रधान पहले ही मनोनीत किया जा चुका है। इसलिए दोबारा से प्रधान मनोनीत करने को लेकर प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। इसी के विरोध स्वरूप जिला कार्यकारिणी पदाधिकारियों ने बुधवार को प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु को काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि इस मामले को संगठन के हाईकमान तक भी प्रमुखता के साथ उठाया जाएगा।
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सोशल मीडिया पर लाइव दिखाए काले झंडे
एनएसयूूआई के पदाधिकारियों के इस प्रदर्शन को कुछ युवाओं ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया। दो लोगों ने इसे अपने मोबाइल के जरिए फेसबुक पर लाइव कास्ट किया। प्रदर्शन के दौरान दिव्यांशु बुद्घिराजा गाड़ी से उतरकर प्रदर्शनकारियों को समझाने भी आए। करीब पांच मिनट बाद प्रदर्शनकारी चले गए।
विवाद की जड़ को समझिए
दरअसल एनएसयूआई के कुछ महीने पहले चुनाव हुए थे जिसमें दीपेंद्र हुड्डा समर्थक दिव्यांशु बुद्घिराजा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। जिला अध्यक्ष का चुनाव तंवर समर्थक विक्रम सिंघरान ने जीता हुआ है। इस कारण प्रदेेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष में समन्वय नहीं है। कॉलेज प्रधान का चयन करने को लेकर दोनों एक दूसरे को पटखनी देना चाहते हैं।