अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
पटेल नगर के बालक हार्दिक के शव का पोस्टमार्टम डीसी ऑफिस के हस्तक्षेप के बाद सिविल अस्पताल में दो डॉक्टरों के बोर्ड ने किया। डॉक्टरों ने मृतक का हार्ट, विसरा, लीवर और गले का हिस्सा लिया है। पुलिस इनको जांच के लिए लैब में भेजेगी। पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई करेगी।
पटेल नगर के नवनीत कुमार का इकलौता बेटा हार्दिक बुुधवार शाम को गली में खेल रहा था। वह रात आठ बजे तक नहीं पहुंचा था। फिर बच्चे की खोजबीन शुरू हुई थी। काफी ढूंढने के बाद वह अपने घर के सामने निर्माणाधीन मकान की रसोई में अचेत मिला था। परिजन बालक को एक निजी अस्पताल में ले गए थे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था। पीएलए चौकी के एएसआई मेहर सिंह और हेड कांस्टेबल दयाराम की टीम ने वीरवार को 10 बजे पोस्टमार्टम के कागजात तैयार कर इमरजेंसी में संपर्क किया था। वहां से उनको डॉक्टर की ड्यूटी बताकर मोबाइल नंबर दे दिया गया। पुलिस कर्मचारी साढे़ बारह बजे तक संबंधित डॉक्टर के पास पोस्टमार्टम के लिए फोन करते रहे, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। पुलिसकर्मियों ने उच्च अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया, लेकिन बात नहीं हुई। आखिरकार बालक के एक रिश्तेदार ने डीसी ऑफिस में फोन कर हालात से अवगत कराया। उसके बाद दूसरे डॉक्टर ने साथी की मदद से पोस्टमार्टम किया। पीएलए चौकी पुलिस लैब की रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई करेगी।