अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
डेथ-बर्थ का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने वाली एजेंसी के टेंडर संबंधित फाइल से रिकॉर्ड गायब करने के मामले में राज्य सूचना आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मौजूदा एसपीआईओ एवं ईओ इंद्रजीत कुल्हड़िया को इस संबंध में 15 अक्तूबर तक एफआईआर दर्ज करवानी है। अपीलकर्ता मनोज को इस संबंध में सूचना भी भेजनी है। अपीलकर्ता को अगर निगम अधिकारी इस संबंध में एक्शन टेकन रिपोर्ट, अन्य प्वाइंट्स पर मांगी गई जानकारी 20 अक्तूबर तक न दें तो 27 नवंबर को सुनवाई की जाएगी।
डीसी को निर्देश, करवाएं 15 नवंबर तक जांच
आयुक्त ने फैसले में लिखा है कि एफआईआर दर्ज कर आयोग को सूचना दें। डीसी को दोबारा निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले की जांच के संबंध में एक जांच अधिकारी नियुक्त करें। जांच में फाइल से गायब हुए जरूरी डॉक्यूमेंट के कारण का पता लगाया जाए। इस मामले में किन लोगों की जिम्मेदारी बनती है और 15 नवंबर तक जांच करें।
यह था मामला
एक फर्म ने वर्ष 2014-15 में नगर निगम का डेथ-बर्थ का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने का ठेका लिया था। फर्म ने अपना काम तय समय सीमा में पूरा कर लिया। पूरा काम करने के बाद निर्धारित समय पर निगम अधिकारियों ने रिकॉर्ड ऑनलाइन संबंधित कोई आपत्ति नहीं दर्ज करवाई। एजेंसी के साथ निगम का विवाद हो गया। मामला फिर टेंडर कंडीशन को लेकर उठ गया। एजेंसी संचालक बोले ऐसी कोई कंडीशन नहीं थी, उधर अधिकारियों ने कहा कि ऐसी ही कंडीशन थी। जब कंडीशन देखने की बात आई तो निगम के अधिकारियों ने फाइल से रिकॉर्ड गायब कर दिया।