गांव सुलखनी में सरपंच प्रतिनिधि पर मकान तुड़वाने का आरोप लगाकर 60 वर्षीय बुजुर्ग 165 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। बुजुर्ग टावर की पूरी ऊंचाई तक तो नहीं पहुंच पाया। मगर करीब 60 फुट पर टावर के बीच में जाकर बैठ गया और आत्महत्या की धमकी देने लगा।
सूचना पाकर ग्रामीण टावर के पास एकत्रित हो गए और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। मौके पर बरवाला थाना प्रभारी संदीप कुमार, डीएसपी संजय बिश्नोई भी पहुंचे। अधिकारियों ने उसके साथ बातचीत करने का प्रयास किया। निहालदीन ने मांग की कि उसका मकान तुड़वाने के मामले में सरपंच प्रतिनिधि और बीडीपीओ के खिलाफ कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया जाए, तभी वह नीचे उतरेगा।
अधिकारियों के साथ परिवार के लोगों की मान मनुहार के बाद भी निहालदीन टावर से नीचे नहीं उतरा। आखिरकार देर शाम साढ़े सात बजे एसडीएम शालिनी चेतल के आश्वासन के बाद निहालदीन टावर से नीचे उतरा। एसडीएम ने निहालदीन को आश्वासन दिया कि वे उसके मकान ढहाने की कार्रवाई की जांच कर उचित कार्रवाई करेंगी।
यह है मामला
गांव सुलखनी निवासी निहालदीन का आरोप है कि गांव में पंचायती भूमि पर कई लोगों ने घर बना रखे हैं। मगर सरपंच प्रतिनिधि धर्मपाल सांगा साल 2006 से उनके साथ बैर रखे हुए हैं। इसी बैर के कारण उसने पिछले दिनों 26 नवंबर को बीडीपीओ के साथ मिलीभगत कर जेसीबी से उसका मकान तुड़वा दिया। इसके बाद उसने सरपंच प्रतिनिधि के खिलाफ शिकायत जिला प्रशासन को दी थी।
शिकायत पर डीसी अशोक कुमार मीणा ने मामले की जांच एसडीएम से करवाने के लिए कहा था। मगर अभी तक उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई। निहालदीन का आरोप है कि उसके बाद से लगातार सरपंच प्रतिनिधि द्वारा उसे देख लेने की धमकी दी जा रही है। रविवार को भी सरपंच प्रतिनिधि द्वारा उसे धमकी दी गई कि शिकायत वापस ले लो, नहीं तो जान से मार दूंगा।
दोपहर करीब 3:30 बजे चढ़ा टावर पर, साढ़े सात बजे उतारा
इसी से आहत होकर निहालदीन रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे गांव में ही बने मोबाइल टावर पर चढ़ गया। धीरे-धीरे सूचना पाकर ग्रामीण भी टावर के पास एकत्रित होने लगे। इसके बाद पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई। अधिकारियों द्वारा बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह बार-बार लिखित आश्वासन देने पर अड़ा रहा।
बाद में मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करवाया गया। शाम सात बजे तक भी जब निहालदीन नीचे नहीं उतरा तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी मंगवाई। आखिरकार करीब साढ़े सात बजे एसडीएम के आश्वासन पर निहालदीन स्वयं नीचे उतरा तो परिवार के सदस्यों और पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
ग्रामीण निहालदीन ने पंचायत की जमीन पर कब्जा किया हुआ था। मामले की शिकायत गांव के ही एक युवक ने सीएम विंडो पर की थी। इसी शिकायत के आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए निहालदीन से कब्जा छुड़वाया था। निहालदीन द्वारा मुझ पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
- धर्मपाल सांगा, सरपंच प्रतिनिधि, गांव सुलखनी
गांव सुलखनी में निहालदीन नामक ग्रामीण के टावर पर चढ़ने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे तो उसका सरपंच प्रतिनिधि से कोई विवाद था। इसके बाद एसडीएम ने मौके पर आकर उसे नीचे उतरवा दिया था। एसडीएम ही उसके मामले की जांच करेंगी।
- संजय बिश्नोई, डीएसपी, बरवाला