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वेलडन हिसार : पिछली बार थी 291, इस बार स्वच्छता में 146वीं रैंक

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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
शाबाश हिसार ! शहरवासियों की मेहनत रंग लाई। केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में इस बार शहर ने 145 रैंक की छलांग लगाई है। पिछली बार ऑल इंडिया लेवल पर जहां शहर की रैंकिंग 291 थी, वहीं इस बार 146वीं रैंक हासिल हुई है। शहर को चार हजार में से 2332.2 अंक मिले हैं। हरियाणा प्रदेश में हिसार पांचवें स्थान पर रहा है। हालांकि कुछ पहलुओं पर पिछड़ गए वरना इस बार टॉप 100 में हिसार को जगह मिल सकती थी।
फरवरी में हुआ था तीन दिन तक सर्वे
आठ फरवरी से क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित की गई एजेंसी द्वारा शहर में तीन दिन तक सर्वे किया गया था। रैंकिंग के लिए चार हजार नंबर तय किए गए थे। इसमें से 1400 नंबर सर्विस लेवल प्रोग्रेस, 1200 नंबर डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन और 1400 नंबर सिटीजन फीडबैक और स्वच्छता एप के तय किए गए थे।
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नगर निगम, जनप्रतिनिधियों व संगठनों के थे साझा प्रयास
नगर निगम के अधिकारियों, पार्षदों और सामाजिक संगठनों के साझा प्रयास ने शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार करवाया। इसके बाद स्वच्छता जांचने आई टीम को सकारात्मक माहौल मिला तो शहर की रैंकिंग में भी बड़ा बदलाव आया है।

अमर उजाला बना था लोगों की आवाज
स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 के प्रति लोगों को जागरूक करने में अमर उजाला का भी अहम योगदान रहा। स्वच्छता सर्वे में कमजोर पड़ने वाले पहलुओं और मजबूत रहने वाले प्वाइंट्स के बारे में भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया। इसी तरह हर शहरवासियों को इस सर्वेक्षण में भागीदारी बनने के लिए प्रेरित किया गया।
इन मामलों में पिछड़ा
- डोर-टू-डोर कचरा क्लेक्शन में शहर पिछड़ गया। शहर के कई इलाकों में नगर निगम की ओर से घर-घर से कचरा उठाने के प्रबंध नहीं किए गए थे। इसलिए उसके नंबर कम रहे।
- हरे व नीले रंग के डस्टबिन सूखा और गीला कचरा अलग-अलग उठाने के लिए रखवाए जाने थे। मगर ऐसा नहीं हो सका। हालांकि निगम प्रशासन द्वारा पार्षदों के माध्यम से प्रत्येक वार्ड में 300-300 डस्टबिन रखवाए गए, मगर इनकी संख्या पर्याप्त नहीं थी।
- सॉलिड वेस्ट प्रबंधन के भी निगम के पास कोई बेहतर साधन नहीं थे। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अभी तक शुरू नहीं हो सका है। इसके भी नंबर काटे गए।
- इसी तरह शहर को लावारिस पशु मुक्त भी नहीं किया जा सका। शहर की सड़कों पर लावारिस पशुओं की तादाद अभी भी घटी नहीं है।

ये रहे प्लस प्वाइंट्स
- शहर को खुले में शौच मुक्त कर दिया गया था। इसके नंबर सर्वे के दौरान शहर की रैंकिंग सुधारने में सहायक रहे। सर्वे टीम को स्लम बस्तियों में भी टॉयलेट मिले। कम्युनिटी टॉयलेट की स्थिति भी बेहतर थी।
- स्वच्छ मैप एप को डाउनलोड करवाने में हिसार पूरे प्रदेश में दूसरे नंबर पर रहा था। इसी एप के जरिये शहरवासियों में जागरूकता बढ़ाई गई।
- सक्षम युवाओं की टीमों ने लगातार शहर में जाकर अधिक से अधिक लोगों को स्वच्छता सर्वेक्षण की जानकारी दी। इससे भी जागरूकता बढ़ी।
- स्वच्छता सर्वेक्षण संबंधी होर्डिंग व बैनर लगवाने में नगर निगम प्रशासन के प्रयास काबिलेतारीफ रहे।
- अधिकारियों, पार्षदों व संगठनों ने मिलकर शहर को साफ-सुथरा बनाने में अपना योगदान दिया। इसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं।

नगर निगम के साथ-साथ पार्षदों, संगठनों व शहरवासियों ने जबरदस्त सहयोग किया। 291 से सीधा 146वीं रैंकिंग पर पहुंचे हैं। यह बड़ा बदलाव है। शहरवासी स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए हैं। आने वाले समय में और प्रयास किए जाएंगे, जिससे देश में टॉप-50 तक में शहर का नाम लाया जा सके।
-रामजीलाल, एसई, नगर निगम

शहर ने स्वच्छता सर्वेक्षण में 146वीं रैंकिंग हासिल कर शानदार उपलब्धि हासिल की है। हर शहरवासी का इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कई पहलुओं पर और काम करने की जरूरत है। उसके बाद निश्चित तौर पर शहर टॉप-टेन में भी स्थान बना सकता है।
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-शकुंतला राजलीवाला, मेयर, नगर निगम

हमारे शहर के लिए गौरवपूर्ण बात है कि स्वच्छता के संबंध में शहर के हालात सुधरे हैं। देशभर में 291 नंबर से सीधा 146वें नंबर पर आना बेहतर प्रयास का ही नतीजा है। निगम अधिकारियों, पार्षदों व संगठनों सहित सभी शहरवासियों को बहुत-बहुत बधाई।
-भीम महाजन, डिप्टी मेयर
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