अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
प्रदेश के सीएम मनोहर लाल ने हरियाणा के सभी गांवों में गौरव पट्ट लगवाने का एलान किया था। इसके लिए 31 अक्तूबर की डेडलाइन दी गई थी। डेडलाइन के एक महीने बाद भी अब तक जिले में एक भी गांव में गौरव पट्ट नहीं लग सका।
प्रदेश सरकार की ओर से हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष में हर गांव में गौरव पट्ट लगाने का एलान किया था। इसमें 25 नवंबर 2016 को प्रदेश के कई मंत्रियों ने ग्राम गौरव पट्ट का उद्घाटन किया। प्रदेश के सभी 6205 गांवों में ऐसे पट्ट लगाने का एलान किया गया था। इसके लिए कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने सभी पंचायत विकास अधिकारियों को इसके लिए आदेश जारी किए थे। इसमें 31 अक्तूबर 2017 तक सभी गांवों में यह काम पूरा करने के आदेश दिए गए थे। एक नवंबर 2016 से 31 अक्तूबर 2017 तक सरकार ने हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष आयोजित किया था। इस कारण इस काम के लिए 31 अक्तूबर की डेडलाइन दी गई थी। डेडलाइन खत्म होने के एक महीने बाद भी काम पूरा होना तो दूर शुरू भी नहीं हो सका है। जिले में कुल 275 गांवों में से किसी में भी गौरव पट्ट नहीं लगाया जा सका।
यह लिखा जाएगा गौरव पट्ट पर
गौरव पट्टों के माध्यम से गांव की गौरव गाथा को जन-जन तक पहुंचाया जाना था। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता को मिलकर यह काम पूरा करना था। गौरव पट्ट पर गांव के प्रमुख लोगों, गांव का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों, इतिहासकार, साहित्यकारों, स्वतंत्रता सेनानियों, बड़े अधिकारियों, सम्मान हासिल करने वालों के नाम इस पट्ट पर लिखे जाने हैं।
कमेटी ने मांगी थीं गौरव गाथाएं
जिला प्रशासन की ओर से ग्राम गौरव पट्ट लगाने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की कई बार बैठक हो चुकी है। इस कमेटी ने सभी गांव का इतिहास और गौरव गाथा जुटाने का अभियान चलाया था। इसमें कुछ गांवों की गाथाएं प्रशासन को मिली हैं। एक गौरव पट्ट लगाने पर करीब 75 हजार रुपये खर्च आएगा। जिले के सभी 275 गांव में गौरव पट्ट लगाए जाने हैं। इन पर करीब दो करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपये का बजट खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
गांवों से गौरव गाथाएं मांगी हुई थीं। इनमें कुछ गांवों की गाथा ही मिली हैं। गाथा के मिले रिकॉर्ड को जांच कराने के बाद ही लिखा जाएगा। इस कारण इस काम में देरी हुई है।
अशवीर नैन, जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी, हिसार।
हमारी ओर से कोई देरी नहीं हुई। गांव की गौरव गाथाएं नहीं मिली हैं। हमने स्ट्रक्चर तैयार करा रखे हैं। लिखने का मैटर मिलते ही हम गौरव पट्ट लगा देंगे।
-धर्मबीर दहिया, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज हिसार